दिल पर तुम्हारे नाम की तख़्ती लगी न थी फिर भी ज़माना जान गया तुम यहीं पे हो।
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तुम्हें हम भी सताने पर उतर आएँ तो क्या होगा तुम्हारा दिल दुखाने पर उतर आएँ तो क्या होगा हमें बदनाम करते फिर रहे हो अपनी महफ़िल में अगर हम सच बताने पर उतर आएँ तो क्या होगा
Santosh S Singh
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दिल ना-उमीद तो नहीं नाकाम ही तो है लंबी है ग़म की शाम मगर शाम ही तो है
Faiz Ahmad Faiz
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कोई इतना प्यारा कैसे हो सकता है फिर सारे का सारा कैसे हो सकता है तुझ सेे जब मिल कर भी उदासी कम नहीं होती तेरे बग़ैर गुज़ारा कैसे हो सकता है
Jawwad Sheikh
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ज़रा ठहरो कि शब फीकी बहुत है तुम्हें घर जाने की जल्दी बहुत है ज़रा नज़दीक आ कर बैठ जाओ तुम्हारे शहर में सर्दी बहुत है
Zubair Ali Tabish
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इक हुनर है जो कर गया हूँ मैं सब के दिल से उतर गया हूँ मैं
Jaun Elia
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तुम ने होंटों पे तबस्सुम जो सजा रक्खा है होश मग़रूर गुलाबों का उड़ा रक्खा है
Nirmal Nadeem
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तेरे होंटों से छलकती है किरन सूरज की तेरे हँसने से मेरी सुब्ह चमक उठती है
Nirmal Nadeem
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मैं दर्द की ज़मीं पे गुहर ढूँढ़ता रहा वो आई और इश्क़ का इज़हार कर गई
Nirmal Nadeem
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पता करो कि रक़ीबों से मिल रहा है क्या वो आज कल जो बहुत मेहरबान रहता है
Nirmal Nadeem
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जान से जाते रहे जान से जाना न गया दिल गया इश्क़ में पर दिल का लगाना न गया
Nirmal Nadeem
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