dost ahbab se lene na sahaare jaana dil jo ghabrae samundar ke kinare jaana
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कोई दिक़्क़त नहीं है गर तुम्हें उलझा सा लगता हूँ मैं पहली मर्तबा मिलने में सब को ऐसा लगता हूँ ज़रूरी तो नहीं हम साथ हैं तो कोई चक्कर हो वो मेरी दोस्त है और मैं उसे बस अच्छा लगता हूँ
Ali Zaryoun
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हम को मालूम है जन्नत की हक़ीक़त लेकिन दिल के ख़ुश रखने को 'ग़ालिब' ये ख़याल अच्छा है
Mirza Ghalib
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तुम्हें हम भी सताने पर उतर आएँ तो क्या होगा तुम्हारा दिल दुखाने पर उतर आएँ तो क्या होगा हमें बदनाम करते फिर रहे हो अपनी महफ़िल में अगर हम सच बताने पर उतर आएँ तो क्या होगा
Santosh S Singh
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बिछड़ गए तो ये दिल उम्र भर लगेगा नहीं लगेगा लगने लगा है मगर लगेगा नहीं नहीं लगेगा उसे देख कर मगर ख़ुश है मैं ख़ुश नहीं हूँ मगर देख कर लगेगा नहीं
Umair Najmi
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शायद मुझे किसी से मोहब्बत नहीं हुई लेकिन यक़ीन सब को दिलाता रहा हूँ मैं
Jaun Elia
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शे'र अच्छे भी कहो सच भी कहो कम भी कहो दर्द की दौलत-ए-नायाब को रुस्वा न करो
Abdul Ahad Saaz
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बुरा हो आईने तेरा मैं कौन हूँ न खुल सका मुझी को पेश कर दिया गया मेरी मिसाल में
Abdul Ahad Saaz
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दोस्त अहबाब से लेने न सहारे जाना दिल जो घबराए समुंदर के किनारे जाना
Abdul Ahad Saaz
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पस-मंज़र में 'फ़ीड' हुए जाते हैं इंसानी किरदार फ़ोकस में रफ़्ता रफ़्ता शैतान उभरता आता है
Abdul Ahad Saaz
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आई हवा न रास जो सायों के शहर की हम ज़ात की क़दीम गुफाओं में खो गए
Abdul Ahad Saaz
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