ईद मेरी ख़ुशी से तो गुज़रे तू मिरे घर से हो के तो गुज़रे मैं ने अब चाँद भी नहीं देखा शब तिरी दीद ही पे तो गुज़रे
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कोई दिक़्क़त नहीं है गर तुम्हें उलझा सा लगता हूँ मैं पहली मर्तबा मिलने में सब को ऐसा लगता हूँ ज़रूरी तो नहीं हम साथ हैं तो कोई चक्कर हो वो मेरी दोस्त है और मैं उसे बस अच्छा लगता हूँ
Ali Zaryoun
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नहीं लगेगा उसे देख कर मगर ख़ुश है मैं ख़ुश नहीं हूँ मगर देख कर लगेगा नहीं
Umair Najmi
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मैं अगर अपनी जवानी के सुना दूँ क़िस्से ये जो लौंडे हैं मेरे पाँव दबाने लग जाए
Mehshar Afridi
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मैं चाहता हूँ मोहब्बत मेरा वो हाल करे कि ख़्वाब में भी दोबारा कभी मजाल न हो
Jawwad Sheikh
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मेरी तन्हाई देखेंगे तो हैरत ही करेंगे लोग मोहब्बत छोड़ देंगे या मोहब्बत ही करेंगे लोग
Ismail Raaz
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ज़िंदगी चल मिरा क़ुसूर बता हिज्र क्यूँ काटना पड़ा मुझ को
Parvez Shaikh
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वो कोई और हैं उधर ढूँढ़ो जी हुज़ूरी हमें नहीं आती
Parvez Shaikh
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मिली ना किसी से मुहब्बत कभी भी पड़ी ना किसी की ज़रूरत कभी भी
Parvez Shaikh
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नौकरी भी चली ही गई है यूँ तो ज़िंदगी दर बदर की गई है यूँ तो कोई दुख को मिरे क्यूँ समझता नहीं तंज़ की बस सदा दी गई है यूँ तो
Parvez Shaikh
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यहीं डूब जाने को जी चाहता है यूँँ आँसू बहाने को जी चाहता है नहीं है जहाँ में हमारा कोई अब हमें मुस्कुराने को जी चाहता है
Parvez Shaikh
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