ग़मों में जी रहे है रिंद सारे खता मत पूछ याँ सागर गिरा है
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कोई दिक़्क़त नहीं है गर तुम्हें उलझा सा लगता हूँ मैं पहली मर्तबा मिलने में सब को ऐसा लगता हूँ ज़रूरी तो नहीं हम साथ हैं तो कोई चक्कर हो वो मेरी दोस्त है और मैं उसे बस अच्छा लगता हूँ
Ali Zaryoun
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तुम्हें हुस्न पर दस्तरस है मोहब्बत वोहब्बत बड़ा जानते हो तो फिर ये बताओ कि तुम उस की आँखों के बारे में क्या जानते हो ये जुग़राफ़िया फ़ल्सफ़ा साईकॉलोजी साइंस रियाज़ी वग़ैरा ये सब जानना भी अहम है मगर उस के घर का पता जानते हो
Tehzeeb Hafi
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शाख़ों से टूट जाएँ वो पत्ते नहीं हैं हम आँधी से कोई कह दे कि औक़ात में रहे
Rahat Indori
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सोचूँ तो सारी उम्र मोहब्बत में कट गई देखूँ तो एक शख़्स भी मेरा नहीं हुआ
Jaun Elia
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तेरी सूरत से है आलम में बहारों को सबात तेरी आँखों के सिवा दुनिया में रक्खा क्या है
Faiz Ahmad Faiz
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जैसे मीर-ओ-ग़ालिब और मोमिन की ग़ज़लें होती हैं मैं ने वैसे ही तुझ को दिल में संजोए रक्खा था।
Nilesh Barai
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इस सेे ज़्यादा और भयानक क्या ही होगा भूखा बच्चा पीता है बस बहता आँसू
Nilesh Barai
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मैं हिज्र का मारा हुआ हूँ इस लिए मुझ को दुआएँ दे दवाई रहने दे
Nilesh Barai
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मुझे हर साथ तेरा छोड़ देना है बता, तू इस में मेरा साथ देगा क्या?
Nilesh Barai
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ज़ीस्त आगे की अकेले ही बितानी है हमें हिज्र की आदत अभी से डाल लेनी चाहिये।
Nilesh Barai
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