ghar mein rahte hue ghairon ki tarah hoti hain ladkiyan dhan ke paudon ki tarah hoti hain
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कोई दिक़्क़त नहीं है गर तुम्हें उलझा सा लगता हूँ मैं पहली मर्तबा मिलने में सब को ऐसा लगता हूँ ज़रूरी तो नहीं हम साथ हैं तो कोई चक्कर हो वो मेरी दोस्त है और मैं उसे बस अच्छा लगता हूँ
Ali Zaryoun
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ये अलग बात कि ख़ामोश खड़े रहते हैं फिर भी जो लोग बड़े हैं, वो बड़े रहते हैं
Rahat Indori
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बंसी सब सुर त्यागे है, एक ही सुर में बाजे है हाल न पूछो मोहन का, सब कुछ राधे राधे है
Zubair Ali Tabish
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सोचूँ तो सारी उम्र मोहब्बत में कट गई देखूँ तो एक शख़्स भी मेरा नहीं हुआ
Jaun Elia
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हुआ ही क्या जो वो हमें मिला नहीं बदन ही सिर्फ़ एक रास्ता नहीं ये पहला इश्क़ है तुम्हारा सोच लो मेरे लिए ये रास्ता नया नहीं
Azhar Iqbal
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इंसानों को जलवाएगी कल इस से ये दुनिया जो बच्चा खिलौना भी ज़मीं पर नहीं रखता
Munawwar Rana
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दुनिया भी जैसे ताश के पत्तों का खेल है जोकर के साथ रहती है रानी ही क्यूँ न हो
Munawwar Rana
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सज़ा कितनी बड़ी है गाँव से बाहर निकलने की मैं मिट्टी गूँधता था अब डबलरोटी बनाता हूँ
Munawwar Rana
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इतनी तवक़्क़ुआत ज़माने को हम सेे है उतनी तो उम्र भी नहीं लाए लिखा के हम
Munawwar Rana
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फिर किसी ने लक्ष्मी देवी को ठोकर मार दी आज कूड़े दान में फिर एक बच्ची मिल गई
Munawwar Rana
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