हक़ीक़त में नहीं हूँ ख़ूबरू उतना मगर तस्वीर में अच्छा लगूँगा मैं
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माना कि तेरी दीद के क़ाबिल नहीं हूँ मैं तू मेरा शौक़ देख मिरा इंतिज़ार देख
Allama Iqbal
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अगर तुम हो तो घबराने की कोई बात थोड़ी है ज़रा सी बूँदा-बाँदी है बहुत बरसात थोड़ी है ये राह-ए-इश्क़ है इस में क़दम ऐसे ही उठते हैं मोहब्बत सोचने वालों के बस की बात थोड़ी है
Abrar Kashif
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नहीं लगेगा उसे देख कर मगर ख़ुश है मैं ख़ुश नहीं हूँ मगर देख कर लगेगा नहीं
Umair Najmi
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अब इन जले हुए जिस्मों पे ख़ुद ही साया करो तुम्हें कहा था बता कर क़रीब आया करो मैं उस के बा'द महिनों उदास रहता हूँ मज़ाक में भी मुझे हाथ मत लगाया करो
Tehzeeb Hafi
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कोई दिक़्क़त नहीं है गर तुम्हें उलझा सा लगता हूँ मैं पहली मर्तबा मिलने में सब को ऐसा लगता हूँ ज़रूरी तो नहीं हम साथ हैं तो कोई चक्कर हो वो मेरी दोस्त है और मैं उसे बस अच्छा लगता हूँ
Ali Zaryoun
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सीने में तो काँटे ही नहीं हैं दिल में फिर ये चुभन क्यूँ है माना कि ख़ुदा है साथ मेरे फिर भी ये अकेलापन क्यूँ है
Adnan Ali SHAGAF
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जब कभी ज़ख़्म तेरे भरने लगें याद करना मुझे अकेले में
Adnan Ali SHAGAF
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ख़ुदा के दर से तुझे इस अदास माँगा है कि हाथ उठा के नहीं सर झुका के माँगा है
Adnan Ali SHAGAF
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ये तेरा हुस्न उफ़ पल पल मुझे घाइल ही करता है तेरे ही इश्क़ का बस है करम जो मैं कि ज़िंदा हूँ मुझे आवाज़ दे दे तो मैं आख़िर क्यूँ न आऊँगा अरे मैं तो तेरा पाला हुआ आशिक़ परिंदा हूँ
Adnan Ali SHAGAF
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ऐ जानेमन इस को फ़क़त तोहफ़ा न समझो टेड्डी बियर में दिल छुपा कर दे रहे हैं
Adnan Ali SHAGAF
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