हिज्र मेरा देख लो और फिर कभी कहना नहीं बेवफ़ाई कुछ नहीं है बे-वफ़ा कुछ भी नहीं
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परों को खोल ज़माना उड़ान देखता है ज़मीं पे बैठ के क्या आसमान देखता है
Shakeel Azmi
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तुम्हें हुस्न पर दस्तरस है मोहब्बत वोहब्बत बड़ा जानते हो तो फिर ये बताओ कि तुम उस की आँखों के बारे में क्या जानते हो ये जुग़राफ़िया फ़ल्सफ़ा साईकॉलोजी साइंस रियाज़ी वग़ैरा ये सब जानना भी अहम है मगर उस के घर का पता जानते हो
Tehzeeb Hafi
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बिछड़ गए तो ये दिल उम्र भर लगेगा नहीं लगेगा लगने लगा है मगर लगेगा नहीं नहीं लगेगा उसे देख कर मगर ख़ुश है मैं ख़ुश नहीं हूँ मगर देख कर लगेगा नहीं
Umair Najmi
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हम ने उस को इतना देखा जितना देखा जा सकता था लेकिन फिर भी दो आँखों से कितना देखा जा सकता था
Farrukh Yar
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मुझ से मत पूछो के उस शख़्स में क्या अच्छा है अच्छे अच्छों से मुझे मेरा बुरा अच्छा है किस तरह मुझ से मुहब्बत में कोई जीत गया ये न कह देना के बिस्तर में बड़ा अच्छा है
Tehzeeb Hafi
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मनाने को शहंशाह तो कभी शाह कह रही हो जो मेरी जाँ तुम मुझे इक बार अपना क्यूँ नहीं कहती
Aatish Alok
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कहने को तो दुनिया तेरी बहुत बड़ी सी है मौला मेरे ग़म के आगे लेकिन कितनी छोटी है मौला तू भी तो हरदम केवल उस की ही सुनता रहता है दुनिया भी तेरी बिल्कुल ही तेरे जैसी है मौला
Aatish Alok
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आज क़ब्रगाहों में हैं पड़े हुए जिन को लगता था ख़ुदा इक दिन आएगा बचाएगा
Aatish Alok
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कान्हा बनें आतिश भला क्योंकर कहो राधा को ही रुक्मणि बनाना है उसे
Aatish Alok
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माँग नहीं भर पाया उस की दो आँखों को भर आया हूँ
Aatish Alok
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