इसी से होता है ज़ाहिर जो हाल दर्द का है सभी को कोई न कोई वबाल दर्द का है किसी ने पूछा के 'फ़रहत' बहुत हसीन हो तुम तो मुस्कुरा के कहा सब जमाल दर्द का है
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वो मुझ को छोड़ के जिस आदमी के पास गया बराबरी का भी होता तो सब्र आ जाता
Parveen Shakir
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तेरी आँखों में जो इक क़तरा छुपा है, मैं हूँ जिस ने छुप छुप के तेरा दर्द सहा है, मैं हूँ एक पत्थर कि जिसे आँच न आई, तू है एक आईना कि जो टूट चुका है, मैं हूँ
Fauziya Rabab
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गुनाहगार को इतना पता तो होता है जहाँ कोई नहीं होता ख़ुदा तो होता है
Waseem Barelvi
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हम अपनी जान के दुश्मन को अपनी जान कहते हैं मोहब्बत की इसी मिट्टी को हिंदुस्तान कहते हैं
Rahat Indori
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तुम पूछो और मैं न बताऊँ ऐसे तो हालात नहीं एक ज़रा सा दिल टूटा है और तो कोई बात नहीं
Qateel Shifai
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हर रोज़ उठाता हूँ किसी ख़्वाब की मय्यत और आप ये कहते हैं कि मातम न करूँँ मैं इक शख़्स दिखा दो मुझे हँसता हुआ दिल से गोया कि ये सब देख के भी ग़म न करूँँ मैं
Farhat Abbas Shah
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ये झाँक लेती है दिल से जो दूसरे दिल में मेरी निगाह में सारा कमाल दर्द का है
Farhat Abbas Shah
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है किसी जालिम उदू की घात दरवाज़े में है या मसाफ़त है नई या रात दरवाज़े में है जिस तरहा उठती है नजरें बे-इरादा बार-बार साफ़ लगता है के कोई बात दरवाज़े में
Farhat Abbas Shah
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मैं बे-ख़याल कभी धूप में निकल आऊँ तो कुछ सहाब मिरे साथ साथ चलते हैं
Farhat Abbas Shah
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बस एक लम्हे के सच झूट के एवज़ 'फ़रहत' तमाम उम्र का इल्ज़ाम ले गया मुझ से
Farhat Abbas Shah
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