इक़रार कर के हर दफ़ा इनकार करता है है इल्तिजा मेरी कि हुनर ये सिखा मुझे
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हम वो हैं जो ख़ुदा को भूल गए तुम मेरी जान किस गुमान में हो
Jaun Elia
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मेरी दुनिया उजड़ गई इस में तुम इसे हादसा समझते हो आख़िरी रास्ता तो बाक़ी है आख़िरी रास्ता समझते हो
Himanshi babra KATIB
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मैं जब मर जाऊँ तो मेरी अलग पहचान लिख देना लहू से मेरी पेशानी पे हिंदुस्तान लिख देना
Rahat Indori
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हाथ ख़ाली है तेरे शहर से जाते जाते जान होती तो मेरी जान लुटाते जाते
Rahat Indori
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ग़म-ए-फ़ुर्क़त का शिकवा करने वाली मेरी मौजूदगी में सो रही है
Jaun Elia
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ये रब्त कब मिटे है यूँँ मिटाने से ये आग है जो बढ़ती है बुझाने से
Rohan Hamirpuriya
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सब बाहों में झूल चुकी है वो तुझ को कब का भूल चुकी है वो
Rohan Hamirpuriya
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याद नहीं आती है उस को मेरी अब मगर देखे हैं पत्थर के दिल मैं ने पिघलते हुए
Rohan Hamirpuriya
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ये हँसने गाने वाले लोग तस्वीरों में रह जाऍंगे
Rohan Hamirpuriya
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पामाल रस्तों पर मिले रहबर उसे कई संगीन जब सफ़र हुआ उस ने चुना मुझे
Rohan Hamirpuriya
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