इज़्ज़त अलग ही होती है फिर दोस्त यार में गर आदमी लगा हो किसी रोज़गार में
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हम को यारों ने याद भी न रखा 'जौन' यारों के यार थे हम तो
Jaun Elia
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तुम्हें हुस्न पर दस्तरस है मोहब्बत वोहब्बत बड़ा जानते हो तो फिर ये बताओ कि तुम उस की आँखों के बारे में क्या जानते हो ये जुग़राफ़िया फ़ल्सफ़ा साईकॉलोजी साइंस रियाज़ी वग़ैरा ये सब जानना भी अहम है मगर उस के घर का पता जानते हो
Tehzeeb Hafi
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हम ने उस को इतना देखा जितना देखा जा सकता था लेकिन फिर भी दो आँखों से कितना देखा जा सकता था
Farrukh Yar
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तुम्हारे पाँव क़सम से बहुत ही प्यारे हैं ख़ुदा करे मेरे बच्चों की इन में जन्नत हो
Rafi Raza
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तुम्हें हम भी सताने पर उतर आएँ तो क्या होगा तुम्हारा दिल दुखाने पर उतर आएँ तो क्या होगा हमें बदनाम करते फिर रहे हो अपनी महफ़िल में अगर हम सच बताने पर उतर आएँ तो क्या होगा
Santosh S Singh
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वो मेरी रूह तक क़ब्ज़ा चुकी है मैं जिस को छोड़ जाना चाहता हूँ
Rohit tewatia 'Ishq'
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वो जिस की हो चुकी है मुझ से पहले मेरी रानी का वो राजा नहीं है
Rohit tewatia 'Ishq'
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वो भी इक वक़्त था होती थी चमक आँखों में एक लड़की से मुझे प्यार हुआ करता था
Rohit tewatia 'Ishq'
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मुझे रंग चढ़ता नहीं अब किसी का तेरे पास भी वो गुलाल अब नहीं है
Rohit tewatia 'Ishq'
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वालिद ने काँधे पर मेरे क्या हाथ रख दिया और चार चाँद लग गए तब से वक़ार में
Rohit tewatia 'Ishq'
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