जब भी आता है दिसम्बर ग़म के टाँके खुलते हैं याद है यूँँ तेरा जाना और कहना ख़ुश रहो
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हम भी दरिया हैं हमें अपना हुनर मालूम है जिस तरफ़ भी चल पड़ेंगे रास्ता हो जाएगा
Bashir Badr
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मेरे आँसू नहीं थम रहे कि वो मुझ सेे जुदा हो गया और तुम कह रहे हो कि छोड़ो अब ऐसा भी क्या हो गया मय-कदों में मेरी लाइनें पढ़ते फिरते हैं लोग मैं ने जो कुछ भी पी कर कहा फ़लसफ़ा हो गया
Tehzeeb Hafi
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जो ख़ानदानी रईस हैं वो मिज़ाज रखते हैं नर्म अपना तुम्हारा लहजा बता रहा है, तुम्हारी दौलत नई नई है
Shabeena Adeeb
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देखो हम कोई वहशी नहीं दीवाने हैं तुम सेे बटन खुलवाने नहीं लगवाने हैं
Varun Anand
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उसे किसी से मोहब्बत थी और वो मैं नहीं था ये बात मुझ सेे ज़ियादा उसे रुलाती थी
Ali Zaryoun
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न पूछो मुझ सेे कैसी लगती हूँ मैं 'नीर' साड़ी में किसे अच्छे नहीं लगते मिरी जाँ गाने नुसरत के
Neeraj Neer
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ठीक है मैं फेर लेता हूँ नज़र को तुम भी झुमके से कहो गर्दन न चू में नीरज नीर
Neeraj Neer
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अब ये क्या बात हुई गाल को चूमूँ लब नइँ या'नी हम चाय पिए वो भी बिना चीनी के
Neeraj Neer
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याद आई तिरे पैरों की खनकती पायल आम सा प्रश्न था संगीत किसे कहते हैं
Neeraj Neer
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इक दिए से एक कमरा भी बहुत है दिल जलाने से ये घर रौशन हुआ है
Neeraj Neer
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