sherKuch Alfaaz

jis se ye tabiat badi mushkil se lagi thi dekha to wo taswir har ek dil se lagi thi

Related Sher

बिछड़ कर उस का दिल लग भी गया तो क्या लगेगा वो थक जाएगा और मेरे गले से आ लगेगा मैं मुश्किल में तुम्हारे काम आऊँ या ना आऊँ मुझे आवाज़ दे लेना तुम्हें अच्छा लगेगा

Tehzeeb Hafi

751 likes

तुझे न आएँगी मुफ़्लिस की मुश्किलात समझ मैं छोटे लोगों के घर का बड़ा हूँ बात समझ

Umair Najmi

99 likes

न करो बहस हार जाओगी हुस्न इतनी बड़ी दलील नहीं

Jaun Elia

265 likes

बात ही कब किसी की मानी है अपनी हठ पूरी कर के छोड़ोगी ये कलाई ये जिस्म और ये कमर तुम सुराही ज़रूर तोड़ोगी

Jaun Elia

161 likes

वो जिस पर उस की रहमत हो वो दौलत माँगता है क्या मोहब्बत करने वाला दिल मोहब्बत माँगते है क्या तुम्हारा दिल कहे जब भी उजाला बन के आ जाना कभी उगता हुआ सूरज इजाज़त माँगता है क्या

Ankita Singh

98 likes

Similar Writers

View All ›

Our suggestions based on Ahmad Faraz.

Similar Moods

View All ›

More moods that pair well with Ahmad Faraz's sher.