जिस्म के पार जाना पड़ा था कभी इश्क़ कर के हुई बंदगी की समझ
Related Sher
हज़ार इश्क़ करो लेकिन इतना ध्यान रहे कि तुम को पहली मोहब्बत की बद-दुआ न लगे
Abbas Tabish
179 likes
ख़ुद से भी मिल न सको, इतने पास मत होना इश्क़ तो करना, मगर देवदास मत होना देखना, चाहना, फिर माँगना, या खो देना ये सारे खेल हैं, इन में उदास मत होना
Kumar Vishwas
117 likes
होश वालों को ख़बर क्या बे-ख़ुदी क्या चीज़ है इश्क़ कीजे फिर समझिए ज़िंदगी क्या चीज़ है
Nida Fazli
145 likes
ये इश्क़ नहीं आसाँ इतना ही समझ लीजे इक आग का दरिया है और डूब के जाना है
Jigar Moradabadi
114 likes
मैं चाहता हूँ मोहब्बत मेरा वो हाल करे कि ख़्वाब में भी दोबारा कभी मजाल न हो
Jawwad Sheikh
135 likes
More from Neeraj Neer
ख़रीदो कौड़ियों के भाव में मुझ को मैं सस्ता हो गया हूँ उस के जाने से
Neeraj Neer
7 likes
अब ये क्या बात हुई गाल को चूमूँ लब नइँ या'नी हम चाय पिए वो भी बिना चीनी के
Neeraj Neer
8 likes
सिवाए तालियों के कुछ नहीं मिलता ग़ज़लगोई फ़क़त धंधा सुकूँ का है
Neeraj Neer
4 likes
इक दिए से एक कमरा भी बहुत है दिल जलाने से ये घर रौशन हुआ है
Neeraj Neer
3 likes
चाय के बारे में कोई राय मत दो यार मुझ को बात समझो इश्क़ सब सेे पूछकर होता नहीं है
Neeraj Neer
11 likes
Similar Writers
Our suggestions based on Neeraj Neer.
Similar Moods
More moods that pair well with Neeraj Neer's sher.







