jo log guzarte hain musalsal rah-e-dil se din eid ka un ko ho mubarak tah-e-dil se
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तुम्हें हुस्न पर दस्तरस है मोहब्बत वोहब्बत बड़ा जानते हो तो फिर ये बताओ कि तुम उस की आँखों के बारे में क्या जानते हो ये जुग़राफ़िया फ़ल्सफ़ा साईकॉलोजी साइंस रियाज़ी वग़ैरा ये सब जानना भी अहम है मगर उस के घर का पता जानते हो
Tehzeeb Hafi
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हम वो हैं जो ख़ुदा को भूल गए तुम मेरी जान किस गुमान में हो
Jaun Elia
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कोई दिक़्क़त नहीं है गर तुम्हें उलझा सा लगता हूँ मैं पहली मर्तबा मिलने में सब को ऐसा लगता हूँ ज़रूरी तो नहीं हम साथ हैं तो कोई चक्कर हो वो मेरी दोस्त है और मैं उसे बस अच्छा लगता हूँ
Ali Zaryoun
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ये अलग बात कि ख़ामोश खड़े रहते हैं फिर भी जो लोग बड़े हैं, वो बड़े रहते हैं
Rahat Indori
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शाख़ों से टूट जाएँ वो पत्ते नहीं हैं हम आँधी से कोई कह दे कि औक़ात में रहे
Rahat Indori
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राहों में जान घर में चराग़ों से शान है दीपावली से आज ज़मीन आसमान है
Obaid Azam Azmi
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ख़ुशरंग नज़र आता है जाज़िब नहीं लगता माहौल मेरे दिल से मुख़ातिब नहीं लगता मैं भी नहीं हर शे'र में मौजूद ये सच है ग़ालिब भी हर इक शे'र में ग़ालिब नहीं लगता
Obaid Azam Azmi
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हर गाम तेरे इश्क़ का इकरार है मैं हूँ ज़ंजीर है ज़ंजीर की झनकार है मैं हूँ ऐ ज़ीस्त जो सब सेे बड़ी फ़नकार है तू है और तुझ सेे बड़ा वो जो अदाकार है मैं हूँ
Obaid Azam Azmi
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कहाँ से चला था निग़ाहों में क्या था कहाँ जा रहा था मुझे सोचने दो मेरा साज़ क्या था मेरी तर्ज़ क्या थी मैं क्या गा रहा था मुझे सोचने दो
Obaid Azam Azmi
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दिल जिस का मोहब्बत में गिरफ़्तार रहा है वो मेरी मदद के लिए तैयार रहा है आग़ाज़-ए-मोहब्बत का फ़साना भी था दिलचस्प बर्बादी का क़िस्सा भी मज़ेदार रहा है
Obaid Azam Azmi
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