jo rukawat thi hamari rah ki rasta nikla usi diwar se
Related Sher
बैठे हैं चैन से कहीं जाना तो है नहीं हम बे-घरों का कोई ठिकाना तो है नहीं तुम भी हो बीते वक़्त के मानिंद हू-ब-हू तुम ने भी याद आना है आना तो है नहीं
Rehman Faris
77 likes
जब मुंडेरों से धूप ढलती है तो कमी उस की मुझ को खलती है जो हथेली पे अपनी लिखती थी दोस्ती प्यार में बदलती है
Sandeep Thakur
77 likes
आप की आँखें अगर शे'र सुनाने लग जाएँ हम जो ग़ज़लें लिए फिरते हैं, ठिकाने लग जाएँ
Rehman Faris
77 likes
मन में एक इरादा होता है ताबिश राजा पहले प्यादा होता है ताबिश मानता हूँ मजबूरियाँ थीं कुछ दिक्कत थी पर वा'दा तो वा'दा होता है ताबिश
Vishal Singh Tabish
75 likes
ज़िंदगी भर वो उदासी के लिए काफ़ी है एक तस्वीर जो हँसते हुए खिंचवाई थी
Yasir Khan
75 likes
More from Azhar Abbas
यूँ तो हर एक शख़्स का अपना ही शोर है लेकिन किसी से कोई यहाँ बोलता नहीं
Azhar Abbas
0 likes
तू कहानी के बदलते हुए मंज़र को समझ ख़ून रोते हुए किरदार की जानिब मत देख
Azhar Abbas
0 likes
हर एक शख़्स का ये हाल है कि जैसे यहाँ ज़मीन आख़िरी चक्कर लगाने वाली है
Azhar Abbas
0 likes
हँसी मज़ाक़ की बातें यहीं पे ख़त्म हुईं अब इस के बा'द कहानी रुलाने वाली है
Azhar Abbas
0 likes
Similar Writers
Our suggestions based on Azhar Abbas.
Similar Moods
More moods that pair well with Azhar Abbas's sher.







