kabhi hum chaak tak nahin pahunche aur kabhi kuza-gar se tut gae
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बिछड़ गए तो ये दिल उम्र भर लगेगा नहीं लगेगा लगने लगा है मगर लगेगा नहीं नहीं लगेगा उसे देख कर मगर ख़ुश है मैं ख़ुश नहीं हूँ मगर देख कर लगेगा नहीं
Umair Najmi
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हम ने उस को इतना देखा जितना देखा जा सकता था लेकिन फिर भी दो आँखों से कितना देखा जा सकता था
Farrukh Yar
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शायद मुझे किसी से मोहब्बत नहीं हुई लेकिन यक़ीन सब को दिलाता रहा हूँ मैं
Jaun Elia
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किसी को घर से निकलते ही मिल गई मंज़िल कोई हमारी तरह उम्र भर सफ़र में रहा
Ahmad Faraz
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हम वो हैं जो ख़ुदा को भूल गए तुम मेरी जान किस गुमान में हो
Jaun Elia
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रोज़ इक झील राह तकती है खींच लेता है एक अलाव मुझे जन्नती हूँ तो फिर बढ़ो आगे तितलियों आओ गुदगुदाओ मुझे
Azbar Safeer
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पहले कहता है जुनूँ उस का गिरेबान पकड़ फिर मेरा दिल मुझे कहता है इधर कान पकड़ ऐसी वहशत भी न हो घर के दरो बाम कहें कोई आवाज़ ही ले आ कोई मेहमान पकड़
Azbar Safeer
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बिछड़े तो रख रखाव भी करना नहीं पड़ा ताज़ा किसी को घाव भी करना नहीं पड़ा बस देख कर ही उस को परिंदे उतर गए उस को तो आओ आओ भी करना नहीं पड़ा
Azbar Safeer
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चमेली रात कह रही थी मेरी बू लिया करें और इस सेे जी नहीं भरे तो मुझ को छू लिया करें कभी भी अच्छे देवता नहीं बनेंगे ऐसे आप चढ़ावे में रुपए नहीं फ़क़त लहू लिया करें
Azbar Safeer
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दुख की दीमक अगर नहीं लगती ज़िन्दगी किस क़द्र हसीं लगती वस्ल को लॉटरी समझता हूँ लॉटरी रोज़ तो नहीं लगती
Azbar Safeer
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