कल जो ढूँढोगे हमें हाथ आएंगी तन्हाईयाँ हम सेे बातें करने की बस हसरतें रह जायेंगी
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क्या ख़बर कौन था वो, और मेरा क्या लगता था जिस सेे मिल कर मुझे, हर शख़्स बुरा लगता था
Tehzeeb Hafi
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प्यार दो बार थोड़ी होता है हो तो फिर प्यार थोड़ी होता है यही बेहतर है तुम उसे रोको मुझ सेे इनकार थोड़ी होता है
Zubair Ali Tabish
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कुछ न कुछ बोलते रहो हम सेे चुप रहोगे तो लोग सुन लेंगे
Fahmi Badayuni
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रक़ीब आ कर बताते हैं यहाँ तिल है वहाँ तिल है हमें ये जानकारी थी मियाँ पहले बहुत पहले
Anand Raj Singh
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मैं चाहता था मुझ सेे बिछड़ कर वो ख़ुश रहे लेकिन वो ख़ुश हुआ तो बड़ा दुख हुआ मुझे
Umair Najmi
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वहशत है मुझ को लम्स के रिज़्क-ए-हराम से मुझ को मेरे नसीब की रोज़ी नहीं मिली
Harun Umar
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तुझ सेे कहने में क्या शरम के हम अब किसी दूसरे पे मरते हैं
Harun Umar
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पहले निकले तो रूह भीतर से फिर तुम्हें एहतिमाम से भूलें
Harun Umar
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तू बताएगा मुझे हिज्र का आलम 'हारून' मेरी हर रात गुज़रती है मोहर्रम की तरह
Harun Umar
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रिश्ते कुछ यूँँ भी ख़त्म होते हैं जीते जी लोग दफ़्न होते हैं
Harun Umar
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