तू बताएगा मुझे हिज्र का आलम 'हारून' मेरी हर रात गुज़रती है मोहर्रम की तरह
Related Sher
शायद मुझे किसी से मोहब्बत नहीं हुई लेकिन यक़ीन सब को दिलाता रहा हूँ मैं
Jaun Elia
839 likes
बिछड़ कर उस का दिल लग भी गया तो क्या लगेगा वो थक जाएगा और मेरे गले से आ लगेगा मैं मुश्किल में तुम्हारे काम आऊँ या ना आऊँ मुझे आवाज़ दे लेना तुम्हें अच्छा लगेगा
Tehzeeb Hafi
751 likes
कोई दिक़्क़त नहीं है गर तुम्हें उलझा सा लगता हूँ मैं पहली मर्तबा मिलने में सब को ऐसा लगता हूँ ज़रूरी तो नहीं हम साथ हैं तो कोई चक्कर हो वो मेरी दोस्त है और मैं उसे बस अच्छा लगता हूँ
Ali Zaryoun
521 likes
तेरी सूरत से है आलम में बहारों को सबात तेरी आँखों के सिवा दुनिया में रक्खा क्या है
Faiz Ahmad Faiz
401 likes
ये मुझे चैन क्यूँ नहीं पड़ता एक ही शख़्स था जहान में क्या
Jaun Elia
508 likes
More from Harun Umar
तुझ सेे कहने में क्या शरम के हम अब किसी दूसरे पे मरते हैं
Harun Umar
1 likes
वहशत है मुझ को लम्स के रिज़्क-ए-हराम से मुझ को मेरे नसीब की रोज़ी नहीं मिली
Harun Umar
1 likes
मेरी सूरत पे थूकने वालों मेरी सीरत को जान पाते, ख़ैर
Harun Umar
1 likes
मेरी ख़्वाहिश है मेरे मरने पर आप आएँ भगा दिए जाएँ
Harun Umar
1 likes
पहले निकले तो रूह भीतर से फिर तुम्हें एहतिमाम से भूलें
Harun Umar
1 likes
Similar Writers
Our suggestions based on Harun Umar.
Similar Moods
More moods that pair well with Harun Umar's sher.







