kal sham chhat pe mir-taqi-'mir' ki ghazal main gunguna rahi thi ki tum yaad aa gae
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वो लड़ कर भी सो जाए तो उस का माथा चूमूँ मैं उस से मोहब्बत एक तरफ़ है उस से झगड़ा एक तरफ़
Varun Anand
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गुलाब ख़्वाब दवा ज़हर जाम क्या क्या है मैं आ गया हूँ बता इंतिज़ाम क्या क्या है
Rahat Indori
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बिछड़ गए तो ये दिल उम्र भर लगेगा नहीं लगेगा लगने लगा है मगर लगेगा नहीं नहीं लगेगा उसे देख कर मगर ख़ुश है मैं ख़ुश नहीं हूँ मगर देख कर लगेगा नहीं
Umair Najmi
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शायद मुझे किसी से मोहब्बत नहीं हुई लेकिन यक़ीन सब को दिलाता रहा हूँ मैं
Jaun Elia
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दिल ना-उमीद तो नहीं नाकाम ही तो है लंबी है ग़म की शाम मगर शाम ही तो है
Faiz Ahmad Faiz
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'अंजुम' तुम्हारा शहर जिधर है उसी तरफ़ इक रेल जा रही थी कि तुम याद आ गए
Anjum Rehbar
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तुम को भुला रही थी कि तुम याद आ गए मैं ज़हर खा रही थी कि तुम याद आ गए
Anjum Rehbar
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माँ मुझे देख के नाराज़ न हो जाए कहीं सर पे आँचल नहीं होता है तो डर होता है
Anjum Rehbar
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जान भी अब दिल पे वारी जाएगी ये बला सर से उतारी जाएगी एक पल तुझ बिन गुज़रना है कठिन ज़िन्दगी कैसे गुज़ारी जाएगी
Anjum Rehbar
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कुछ दिन से ज़िंदगी मुझे पहचानती नहीं यूँँ देखती है जैसे मुझे जानती नहीं
Anjum Rehbar
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