किताबें ख़ूब-सूरत है, चेहरे स्याह है शायद इसीलिए ये दुनिया तबाह है
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मिरी ग़ज़ल की तरह उस की भी हुकूमत है तमाम मुल्क में वो सब से ख़ूब-सूरत है बहुत दिनों से मिरे साथ थी मगर कल शाम मुझे पता चला वो कितनी ख़ूब-सूरत है
Bashir Badr
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इसीलिए तो मैं रोया नहीं बिछड़ते समय तुझे रवाना किया है जुदा नहीं किया है
Ali Zaryoun
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मुझ को उस की नज़रे अपने चेहरे पर महसूस हुई इस का मतलब उस ने मेरी तस्वीरों को देखा हैं
Vishal Bagh
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जिस को ख़ुद मैं ने भी अपनी रूह का इरफ़ाँ समझा था वो तो शायद मेरे प्यासे होंटों की शैतानी थी
Jaun Elia
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इसीलिए तो सब सेे ज़्यादा भाती हो कितने सच्चे दिल से झूठी क़स में खाती हो
Tehzeeb Hafi
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ये हमें किस ने वर्चस्व की लड़ाई दी जो है ही नहीं उसे खोते हम हैं है सारी रात का दर्द हम कुत्तों को हो कोई उदास रोते हम हैं
Murli Dhakad
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साक़िया तेरे इस जहाँ में क्या मिलेगा बहुत ढूँढूँगा तो ख़ुदा मिलेगा
Murli Dhakad
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जाम कहने सुनने को कहानी रह गया है और पीने को बस पानी रह गया है
Murli Dhakad
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सुंदर कोयल सुंदर कागा सुंदर मृग के नैन भागे 'रिंद' दौड़ता जाए दिवस दिखे ना रैन
Murli Dhakad
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मेरे नशेमन में किसी तरह का अँधेरा नहीं है उस ख़्वाब में न जी पाऊँगा जो मेरा नहीं है
Murli Dhakad
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