कोई भी उम्मीद उन सेे हम लगा सकते नहीं जो मुहब्बत से ज़रा भी मुस्कुरा सकते नहीं
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कुछ बात है कि हस्ती मिटती नहीं हमारी सदियों रहा है दुश्मन दौर-ए-ज़माँ हमारा
Allama Iqbal
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हमारे बा'द तेरे इश्क़ में नए लड़के बदन तो चू मेंगे ज़ुल्फ़ें नहीं सँवारेंगे
Vikram Gaur Vairagi
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उसे किसी से मोहब्बत थी और वो मैं नहीं था ये बात मुझ सेे ज़ियादा उसे रुलाती थी
Ali Zaryoun
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बिछड़ गए तो ये दिल उम्र भर लगेगा नहीं लगेगा लगने लगा है मगर लगेगा नहीं नहीं लगेगा उसे देख कर मगर ख़ुश है मैं ख़ुश नहीं हूँ मगर देख कर लगेगा नहीं
Umair Najmi
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ये दुख अलग है कि उस सेे मैं दूर हो रहा हूँ ये ग़म जुदा है वो ख़ुद मुझे दूर कर रहा है तेरे बिछड़ने पर लिख रहा हूँ मैं ताज़ा ग़ज़लें ये तेरा ग़म है जो मुझ को मशहूर कर रहा है
Tehzeeb Hafi
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उस की आँखें याद हैं मुझ को उस का चेहरा याद नहीं है
Vivek Vistar
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यहाँ हम ने सँभाला होश है जबसे तभी से हो रहीं रफ़्तार की बातें
Vivek Vistar
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मियाँ तुम इस तरह सुन तो रहे हो पर डुबा देंगी तुम्हें विस्तार की बातें
Vivek Vistar
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वो बहकर जब निकलती है हिमालय–आशियाने से उसी गंगा का होना मन–इलाहाबाद करता है
Vivek Vistar
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लड़खड़ा कर तू गिरा तो क्यूँ रहे मायूस ख़ुद से कर परीक्षा उन परों की जो अभी खोले नहीं थे
Vivek Vistar
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