लाख भाव खाती थी फिर गले लगाती थी बस यही मैं कहता था जान याद आती थी
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प्यार दो बार थोड़ी होता है हो तो फिर प्यार थोड़ी होता है यही बेहतर है तुम उसे रोको मुझ सेे इनकार थोड़ी होता है
Zubair Ali Tabish
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मेरे होंटों पे अपनी प्यास रख दो और फिर सोचो कि इस के बा'द भी दुनिया में कुछ पाना ज़रूरी है
Waseem Barelvi
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तुम्हें हम भी सताने पर उतर आएँ तो क्या होगा तुम्हारा दिल दुखाने पर उतर आएँ तो क्या होगा हमें बदनाम करते फिर रहे हो अपनी महफ़िल में अगर हम सच बताने पर उतर आएँ तो क्या होगा
Santosh S Singh
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ये अलग बात कि ख़ामोश खड़े रहते हैं फिर भी जो लोग बड़े हैं, वो बड़े रहते हैं
Rahat Indori
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सैर कर दुनिया की ग़ाफ़िल ज़िंदगानी फिर कहाँ ज़िंदगी गर कुछ रही तो ये जवानी फिर कहाँ
Khwaja Meer Dard
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हर छम छम में मेरा मन है पायल दिल घुँघरू धड़कन है
Prakamyan Gautam
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दर्पण उस का चाँदी सा है सोने सा है चेहरा उस का बातें उस की फूलों जैसी और बगीचा गेहना उस का
Prakamyan Gautam
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दर्पण उस का चाँदी सा है सोने सा है चेहरा उस का बाँहें उस की फूलों जैसी और बगी़चा गेहना उस का
Prakamyan Gautam
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फूल नहीं है यार कली है भोली भाली और भली है
Prakamyan Gautam
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वो सब जो बस तुम से कहना था मुझ को कहता फिरता हूँ पूरी दुनिया से मैं
Prakamyan Gautam
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