mazi-e-marhum ki nakaamiyon ka zikr chhod zindagi ki fursat-e-baqi se koi kaam le
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हम हैं ना! ये जो मुझ सेे कहते हैं ख़ुद किसी और के भरोसे हैं ज़िंदगी के लिए बताओ कुछ ख़ुद-कुशी के तो सौ तरीक़े हैं
Vikram Gaur Vairagi
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वो अफ़्साना जिसे अंजाम तक लाना न हो मुमकिन उसे इक ख़ूब-सूरत मोड़ दे कर छोड़ना अच्छा
Sahir Ludhianvi
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क्यूँ डरें ज़िन्दगी में क्या होगा कुछ न होगा तो तजरबा होगा
Javed Akhtar
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मौत का भी इलाज हो शायद ज़िंदगी का कोई इलाज नहीं
Firaq Gorakhpuri
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ज़िंदगी किस तरह बसर होगी दिल नहीं लग रहा मोहब्बत में
Jaun Elia
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है हुसूल-ए-आरज़ू का राज़ तर्क-ए-आरज़ू मैं ने दुनिया छोड़ दी तो मिल गई दुनिया मुझे
Seemab Akbarabadi
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दुनिया है ख़्वाब हासिल-ए-दुनिया ख़याल है इंसान ख़्वाब देख रहा है ख़याल में
Seemab Akbarabadi
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दिल की बिसात क्या थी निगाह-ए-जमाल में इक आईना था टूट गया देख-भाल में
Seemab Akbarabadi
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अब क्या बताऊँ मैं तिरे मिलने से क्या मिला इरफ़ान-ए-ग़म हुआ मुझे अपना पता मिला
Seemab Akbarabadi
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माज़ी-ए-मरहूम की नाकामियों का ज़िक्र छोड़ ज़िन्दगी की फ़ुर्सत-ए-बाक़ी से कोई काम ले
Seemab Akbarabadi
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