मैं तो अब शाम का ढलते सूरज सा हूँ तुम मेरी ज़िन्दगी का उजाला बनो मैं इबादत करूँँ हर घड़ी हर पहर तुम मेरी बंदगी तुम शिवाला बनो
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बिछड़ गए तो ये दिल उम्र भर लगेगा नहीं लगेगा लगने लगा है मगर लगेगा नहीं नहीं लगेगा उसे देख कर मगर ख़ुश है मैं ख़ुश नहीं हूँ मगर देख कर लगेगा नहीं
Umair Najmi
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तुम्हें हुस्न पर दस्तरस है मोहब्बत वोहब्बत बड़ा जानते हो तो फिर ये बताओ कि तुम उस की आँखों के बारे में क्या जानते हो ये जुग़राफ़िया फ़ल्सफ़ा साईकॉलोजी साइंस रियाज़ी वग़ैरा ये सब जानना भी अहम है मगर उस के घर का पता जानते हो
Tehzeeb Hafi
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शायद मुझे किसी से मोहब्बत नहीं हुई लेकिन यक़ीन सब को दिलाता रहा हूँ मैं
Jaun Elia
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हम वो हैं जो ख़ुदा को भूल गए तुम मेरी जान किस गुमान में हो
Jaun Elia
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बिछड़ कर उस का दिल लग भी गया तो क्या लगेगा वो थक जाएगा और मेरे गले से आ लगेगा मैं मुश्किल में तुम्हारे काम आऊँ या ना आऊँ मुझे आवाज़ दे लेना तुम्हें अच्छा लगेगा
Tehzeeb Hafi
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ये ख़ुदा तू तो ये जानता है कितने तरसे हैं इक शख़्स को हम
Jitendra "jeet"
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हम महफ़िल में ज़ख़्म दिखाने आए हैं टूटे दिल का हाल सुनाने आए हैं
Jitendra "jeet"
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लोग आए खेल खेले चल दिए हम थे तन्हा और तन्हा हो गए
Jitendra "jeet"
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एक सरिता ने आश्रय था माँगा मगर हम तो शिव भी नहीं जो जटा दे सकें हम स्वयं ही तो कानन में विचरण करें कोई घर हो तो उस का पता दे सकें
Jitendra "jeet"
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तन पर रंग चढ़ाती होली या फिर भंग पिलाती होली होली सारे भेद मिटाए सम रस ढंग बढ़ाती होली
Jitendra "jeet"
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