मेरी मुहब्बत का हसीं ख़्वाब हो तुम अपनी निगाहों में बसाया है तुम्हें
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गुलाब ख़्वाब दवा ज़हर जाम क्या क्या है मैं आ गया हूँ बता इंतिज़ाम क्या क्या है
Rahat Indori
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हज़ारों साल नर्गिस अपनी बे-नूरी पे रोती है बड़ी मुश्किल से होता है चमन में दीदा-वर पैदा
Allama Iqbal
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अगर तुम हो तो घबराने की कोई बात थोड़ी है ज़रा सी बूँदा-बाँदी है बहुत बरसात थोड़ी है ये राह-ए-इश्क़ है इस में क़दम ऐसे ही उठते हैं मोहब्बत सोचने वालों के बस की बात थोड़ी है
Abrar Kashif
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बड़े नादान हो तुम भी ज़रा समझा करो बातें गले मिल कर जो रोती है बिछड़ कर कितना रोएगी
Ankita Singh
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तुम मोहब्बत को खेल कहते हो हम ने बर्बाद ज़िंदगी कर ली
Bashir Badr
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उस की ऑंखें जो बात करती हैं या'नी खारा है उस का लहजा फिर
Sameer Zaki
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मेरा वजूद क्या है तेरे बग़ैर गोया मामूली शे'र हूँ मैं तू है ग़ज़ल मुकम्मल
Sameer Zaki
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हिज्र-ए-रंगत में आ भटके हैं हम नहीं हैं वो जो लगते हैं
Sameer Zaki
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आदमी को यूँँ नहीं मतलब वफ़ा से जिस्म से जो आदमी का मतलब है
Sameer Zaki
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दिल तेरा अगर कोई टटोले मुझे पूछे कह देना मोहब्बत से मेरी बनती नहीं है
Sameer Zaki
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