मिरे ज़ख़्म-ए-दिल का दवा नइँ हुआ कि जिस को भी चाहा मिरा नइँ हुआ
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सोचूँ तो सारी उम्र मोहब्बत में कट गई देखूँ तो एक शख़्स भी मेरा नहीं हुआ
Jaun Elia
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क्या ख़बर कौन था वो, और मेरा क्या लगता था जिस सेे मिल कर मुझे, हर शख़्स बुरा लगता था
Tehzeeb Hafi
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वो अफ़्साना जिसे अंजाम तक लाना न हो मुमकिन उसे इक ख़ूब-सूरत मोड़ दे कर छोड़ना अच्छा
Sahir Ludhianvi
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हमेशा इक दूसरे के हक़ में दुआ करेंगे ये तय हुआ था मिलें या बिछड़ें मगर तुम्हीं से वफ़ा करेंगे ये तय हुआ था
Shabeena Adeeb
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मैं ने जो कुछ भी सोचा हुआ है, मैं वो वक़्त आने पे कर जाऊँगा तुम मुझे ज़हर लगते हो और मैं किसी दिन तुम्हें पी के मर जाऊँगा
Tehzeeb Hafi
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साथ में मस्ज़िद का मेहमान चला जाएगा जैसे ही माहे रमज़ान चला आएगा
Irshad Siddique "Shibu"
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ज़मीन है तुम सेे घर है बाबू जी वरना सब काग़ज़ भर है बाबू जी फख़्र से अपने सर को उठा के चलिए आप का लड़का शाइ'र है बाबू जी
Irshad Siddique "Shibu"
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नईं मिलना गर भेज कोई फ़ोटो ही प्यासे को क़तरा भी बहुत होता है
Irshad Siddique "Shibu"
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वफ़ा नाम पे सब दग़ा कर रहे हैं मोहब्बत से हम इस लिए डर रहे हैं ख़ुशी से कहाँ कोई है जी रहा अब ख़ुशी से तो सब ख़ुद-कुशी कर रहे हैं जवां हम हों माँ बाप बूढ़े हो जाएँ जवानी से हम इस लिए डर रहे हैं कि नादानी में इश्क़ कर बैठे थे,सो जवानी में अब शा'इरी कर रहे हैं
Irshad Siddique "Shibu"
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तुम्हारे दिल की पूजा होती होगी तुम्हारा दिल जो पत्थर का है जानी
Irshad Siddique "Shibu"
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