मोहब्बत आपसे करने में अब घबरा रहे हैं हम भला कैसे ये आख़िर दर्द को अपना रहे हैं हम जिसे अब रात दिन ही देखते थे बाहों में अपनी उसी से ख़ैर अब मिलने में क्यूँ शर्मा रहे हैं हम
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कोई दिक़्क़त नहीं है गर तुम्हें उलझा सा लगता हूँ मैं पहली मर्तबा मिलने में सब को ऐसा लगता हूँ ज़रूरी तो नहीं हम साथ हैं तो कोई चक्कर हो वो मेरी दोस्त है और मैं उसे बस अच्छा लगता हूँ
Ali Zaryoun
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शाख़ों से टूट जाएँ वो पत्ते नहीं हैं हम आँधी से कोई कह दे कि औक़ात में रहे
Rahat Indori
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तेरी सूरत से है आलम में बहारों को सबात तेरी आँखों के सिवा दुनिया में रक्खा क्या है
Faiz Ahmad Faiz
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हम भी दरिया हैं हमें अपना हुनर मालूम है जिस तरफ़ भी चल पड़ेंगे रास्ता हो जाएगा
Bashir Badr
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तुम्हें हम भी सताने पर उतर आएँ तो क्या होगा तुम्हारा दिल दुखाने पर उतर आएँ तो क्या होगा हमें बदनाम करते फिर रहे हो अपनी महफ़िल में अगर हम सच बताने पर उतर आएँ तो क्या होगा
Santosh S Singh
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ज़िंदगी जिस दिन मिरी तू जान लेता बात मेरी तू उसी दिन मान लेता डूबते आख़िर नहीं वो सब हमारे तब अगर गहराई मेरी जान लेता
Shivam Raahi Badayuni
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कि मुझ से वक़्त ये होकर गुज़र जाए बची है ज़िंदगी रो कर गुज़र जाए
Shivam Raahi Badayuni
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आप के बुलाने पर और कौन आएगा ज़ख़्म ये दिखाने पर और कौन आएगा जिस तरह मोहब्बत ये लोगों तक में पहुँची है अब के उस निशाने पर और कौन आएगा
Shivam Raahi Badayuni
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और फिर तय ये हुआ चेहरा नहीं देखेंगे जाने वालों का कभी रस्ता नहीं देखेंगे आज चढ़ जा तू ये ऊँचाई कि अब मंज़िल पर कल भला लोग तुझे बढ़ता नहीं देखेंगे
Shivam Raahi Badayuni
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हमें भी मिलने की ख़्वाहिश बहुत है अभी तो शहर में बारिश बहुत है
Shivam Raahi Badayuni
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