मुझे भी अपनी क़िस्मत पर हमेशा नाज़ रहता है सुना है ख़्वाहिशें उन की भी शर्मिंदा नहीं रहती सुना है वो भी अब तक खाए बैठी हैं कई शौहर बहुत दिन तक मेरी भी बीवियाँ ज़िंदा नहीं रहती
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ये मुझे चैन क्यूँ नहीं पड़ता एक ही शख़्स था जहान में क्या
Jaun Elia
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हम अपनी जान के दुश्मन को अपनी जान कहते हैं मोहब्बत की इसी मिट्टी को हिंदुस्तान कहते हैं
Rahat Indori
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तेरी निगाह-ए-नाज़ से छूटे हुए दरख़्त मर जाएँ क्या करें बता सूखे हुए दरख़्त हैरत है पेड़ नीम के देने लगे हैं आम पगला गए हैं आप के चू में हुए दरख़्त
Varun Anand
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क्या ख़बर कौन था वो, और मेरा क्या लगता था जिस सेे मिल कर मुझे, हर शख़्स बुरा लगता था
Tehzeeb Hafi
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एक नज़र देखते तो जाओ मुझे कब कहा है गले लगाओ मुझे तुम को नुस्ख़ा भी लिख के दे दूँगा ज़ख़्म तो ठीक से दिखाओ मुझे
Zia Mazkoor
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खद्दर पहन के बेच रहा था शराब वो देखा मुझे तो हाथ में झंडा उठा लिया मैं भी कोई गँवार सिपाही न था जनाब मैं ने भी जाम फेंक के डंडा उठा लिया
Paplu Lucknawi
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मुत्तकी हो गया ख़ौफ़-ए-बीवी से मैं अब इबादत का सौदा मेरे सर में है मैं ने दाढ़ी बढ़ाई तो कहने लगी अब कमीना ये हूरों के चक्कर में है
Paplu Lucknawi
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मैं क्या करूँँ मेरी बेगम सुहाग ढूँढ़े है मेरे बुझे हुए चूल्हे में आग ढूँढ़े है वो दिन गए कि उड़ाते थे फ़ाख़्ताएँ हम सपेरा चूहे के इक बिल में नाग ढूँढ़े है
Paplu Lucknawi
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जिस फ़िल्म का हीरो मुझे होना था ऐ पपलू उस फिल्म के दो दिन से टिकट बेच रहा हूँ हर काम पुलिस वालों की मर्ज़ी से करूँँगा दारू भी मैं थाने के निकट बेच रहा हूँ
Paplu Lucknawi
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न तेरे आने से मेरा शबाब लौटा है न दिल लगाने से मेरा शबाब लौटा है क़सम ख़ुदा की बताता हूँ राज़ ये तुम को नहारी खाने से मेरा शबाब लौटा है
Paplu Lucknawi
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