murgh ki aawaaz uski jasaamat se kam-az-kam sau-guna ziyaada hoti hai. mera khayaal hai ki agar ghode ki aawaaz isi munaasibat se hoti to taareekhi jangon mein top chalaane ki zaroorat pesh na aati.
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वो जिस पर उस की रहमत हो वो दौलत माँगता है क्या मोहब्बत करने वाला दिल मोहब्बत माँगते है क्या तुम्हारा दिल कहे जब भी उजाला बन के आ जाना कभी उगता हुआ सूरज इजाज़त माँगता है क्या
Ankita Singh
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साथ चलते जा रहे हैं पास आ सकते नहीं इक नदी के दो किनारों को मिला सकते नहीं उस की भी मजबूरियाँ हैं मेरी भी मजबूरियाँ रोज़ मिलते हैं मगर घर में बता सकते नहीं
Bashir Badr
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जब भी उस की गली में भ्रमण होता है उस के द्वार पर आत्मसमर्पण होता है किस किस से तुम दोष छुपाओगे अपने प्रिये अपना मन भी दर्पण होता है
Azhar Iqbal
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अब उस की शादी का क़िस्सा न छेड़ो बस इतना कह दो कैसी लग रही थी
Zubair Ali Tabish
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उस की तस्वीरें हैं दिलकश तो होंगी जैसी दीवारें हैं वैसा साया है एक मैं हूँ जो तेरे क़त्ल की कोशिश में था एक तू है जो जेल में खाना लाया है
Tehzeeb Hafi
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ज़िंदगी भर यूँँ मेरे दिल को दुखाया था बहुत क़ब्र पर आया है वो मुझ से मुआ'फ़ी के लिए
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ज़िंदगी का हर वरक़ बा-शौक़ पढ़िए ये किताब इक रोज़ लौटानी भी तो है
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ज़िंदगी भर मैं बोलूँगा तुझ को इश्क़ का यूँँ दग़ाबाज़ है तू
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ज़ीस्त में मेरे उस ने अँधेरा किया और उस को सभी 'रौशनी' कहते थे
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वो दर्द भला क्या समझेंगे जो दर्द हमेशा देते हैं
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