नहीं लगता है मन अब नौकरी में मज़ा आने लगा है शा'इरी में कमाएँगे ग़ज़ल कह कर भी अब हम गुज़ारा क्यूँ करें बस सैलरी में
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तुम्हें हुस्न पर दस्तरस है मोहब्बत वोहब्बत बड़ा जानते हो तो फिर ये बताओ कि तुम उस की आँखों के बारे में क्या जानते हो ये जुग़राफ़िया फ़ल्सफ़ा साईकॉलोजी साइंस रियाज़ी वग़ैरा ये सब जानना भी अहम है मगर उस के घर का पता जानते हो
Tehzeeb Hafi
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बिछड़ गए तो ये दिल उम्र भर लगेगा नहीं लगेगा लगने लगा है मगर लगेगा नहीं नहीं लगेगा उसे देख कर मगर ख़ुश है मैं ख़ुश नहीं हूँ मगर देख कर लगेगा नहीं
Umair Najmi
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शायद मुझे किसी से मोहब्बत नहीं हुई लेकिन यक़ीन सब को दिलाता रहा हूँ मैं
Jaun Elia
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कुछ बात है कि हस्ती मिटती नहीं हमारी सदियों रहा है दुश्मन दौर-ए-ज़माँ हमारा
Allama Iqbal
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तुम्हें हम भी सताने पर उतर आएँ तो क्या होगा तुम्हारा दिल दुखाने पर उतर आएँ तो क्या होगा हमें बदनाम करते फिर रहे हो अपनी महफ़िल में अगर हम सच बताने पर उतर आएँ तो क्या होगा
Santosh S Singh
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शाख से इक फूल ख़ुद हाथों में मेरे आ गिरा जब कहा उस सेे सजाऊँँगा तुझे उन बालों में
RAJAT AWASTHI
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तेरा नाम जब लिख दिया रेत पर समुंदर ने फिर कोई हरकत न की
RAJAT AWASTHI
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शिकायत मुझे थी इसी बात से कि तू ने कभी भी शिकायत न की यहाँ मैं ही तो था रियासत तेरी तू ने हम पे भी तो हुकूमत न की
RAJAT AWASTHI
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तेरे ख़त हम छिपाते भी तो कैसे कि ग़लती इस में तो मेरी नहीं थी अलग कमरा मिला था हम को लेकिन अलग पर कोई अलमारी नहीं थी
RAJAT AWASTHI
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शाख से इक फूल ख़ुद हाथों में मेरे आ गिरा जब कहा उस सेे सजाउँगा तुझे उन बालों में
RAJAT AWASTHI
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