पीते हैं नवाबों सा कि जाना भी नहीं है हम मयकशों का कोई ठिकाना भी नहीं है तुम भी किसी रजवाड़े की औलाद नहीं हो और अपना कोई ऐसा घराना भी नहीं है
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मेरे आँसू नहीं थम रहे कि वो मुझ सेे जुदा हो गया और तुम कह रहे हो कि छोड़ो अब ऐसा भी क्या हो गया मय-कदों में मेरी लाइनें पढ़ते फिरते हैं लोग मैं ने जो कुछ भी पी कर कहा फ़लसफ़ा हो गया
Tehzeeb Hafi
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हम भी दरिया हैं हमें अपना हुनर मालूम है जिस तरफ़ भी चल पड़ेंगे रास्ता हो जाएगा
Bashir Badr
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उस को फ़ुर्सत नहीं मिलती कि पलट कर देखे हम ही दीवाने हैं दीवाने बने रहते हैं
Waseem Barelvi
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जो ख़ानदानी रईस हैं वो मिज़ाज रखते हैं नर्म अपना तुम्हारा लहजा बता रहा है, तुम्हारी दौलत नई नई है
Shabeena Adeeb
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मंज़िलें क्या हैं, रास्ता क्या है हौसला हो तो फ़ासला क्या है
Aalok Shrivastav
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क़ल्ब का नाम क़ल्ब होता है अक़्ल का नाम जी-हुज़ूरी है
Rakesh Mahadiuree
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हम को मालूम है जन्नत की हक़ीक़त 'ग़ालिब' नाम हम ने कभी गुलज़ार नहीं रक्खा है मेरे बच्चे भी मुहब्बत में वफ़ा करते हैं मैं ने घर में कभी हथियार नहीं रक्खा है
Rakesh Mahadiuree
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शे'र मेरा सुन के अहल-ए-बज़्म तो ख़ामोश थी मेरे आगे लिखने वाले तब्सिरा करते रहे
Rakesh Mahadiuree
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उस आइने में हम तो सँवर भी नहीं सकते जिस आइने में अक्स तुम्हारा नहीं होगा
Rakesh Mahadiuree
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काग़ज़ के फूल दोस्त कभी फाड़ना नहीं चाहे कमल खिलाते रहो आसमान पर
Rakesh Mahadiuree
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