फिर वही शाम याद आई है आज फिर रात तन्हा गुज़रेगी
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उसे किसी से मोहब्बत थी और वो मैं नहीं था ये बात मुझ सेे ज़ियादा उसे रुलाती थी
Ali Zaryoun
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तुम्हें हम भी सताने पर उतर आएँ तो क्या होगा तुम्हारा दिल दुखाने पर उतर आएँ तो क्या होगा हमें बदनाम करते फिर रहे हो अपनी महफ़िल में अगर हम सच बताने पर उतर आएँ तो क्या होगा
Santosh S Singh
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रातें किसी याद में कटती हैं और दिन दफ़्तर खा जाता है दिल जीने पर माएल होता है तो मौत का डर खा जाता है सच पूछो तो 'तहज़ीब हाफ़ी' मैं ऐसे दोस्त से आज़िज़ हूँ मिलता है तो बात नहीं करता और फोन पे सर खा जाता है
Tehzeeb Hafi
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नाम पे हम क़ुर्बान थे उस के लेकिन फिर ये तौर हुआ उस को देख के रुक जाना भी सब से बड़ी क़ुर्बानी थी मुझ से बिछड़ कर भी वो लड़की कितनी ख़ुश ख़ुश रहती है उस लड़की ने मुझ से बिछड़ कर मर जाने की ठानी थी
Jaun Elia
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होश वालों को ख़बर क्या बे-ख़ुदी क्या चीज़ है इश्क़ कीजे फिर समझिए ज़िंदगी क्या चीज़ है
Nida Fazli
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वो तेरे ख़ातिर जो सपना देखा था 'ब्रज' अब वो कोई और पूरा कर रहा है
Brajnabh Pandey
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मेरे सारे उदासी के धन का मेरे बेटे तू त्याग कर देना
Brajnabh Pandey
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मैं ने बस एक बोसा चाहा था उस से वो शख़्स आया मगर मेरी क़ज़ा के बा'द
Brajnabh Pandey
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मुझ सेे कहो कुछ जाँ के इक अर्सा हुआ मुझ को किसी की बात को माने हुए
Brajnabh Pandey
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मुझ को भाती है उदासी मत हँसाओ रहने भी दो
Brajnabh Pandey
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