फोन भी आया तो शिकवे के लिए फूल भी भेजा तो मुरझाया हुआ
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लिख के उँगली से धूल पे कोई ख़ुद हँसा अपनी भूल पे कोई याद कर के किसी के चेहरे को रख गया होंठ फूल पे कोई
Sandeep Thakur
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किस लिए देखती हो आईना तुम तो ख़ुद से भी ख़ूब-सूरत हो
Jaun Elia
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आप की आँखें अगर शे'र सुनाने लग जाएँ हम जो ग़ज़लें लिए फिरते हैं, ठिकाने लग जाएँ
Rehman Faris
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इसीलिए तो सब सेे ज़्यादा भाती हो कितने सच्चे दिल से झूठी क़स में खाती हो
Tehzeeb Hafi
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महीनों फूल भिजवाने पड़े थे वो पहली बार जब रूठा था मुझ से
Varun Anand
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हमारा इश्क़ इबादत का अगला दर्जा है ख़ुदा ने छोड़ दिया तो तुम्हारा नाम लिया ग़मों से बैर था सो हम ने ख़ुद-कुशी कर ली शजर ने गिर के परिंदों से इन्तेक़ाम लिया
Balmohan Pandey
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सुख़न-फ़हमों की बस्ती में सुख़न की ज़िन्दगी कम है जहाँ शाइ'र ज़ियादा हैं वहाँ पर शा'इरी कम है मैं जुगनू हूँ उजाले में भला क्या अहमियत मेरी वहाँ ले जाइए मुझ को जहाँ पर रौशनी कम है
Balmohan Pandey
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जो शे'र समझे मुझे दाद वाद देता रहे गले लगाए जिसे ग़म समझ में आ जाए
Balmohan Pandey
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वो मेरी दुनिया का हिस्सा थी मेरी दुनिया नहीं इक शजर कटने से वन वीरान हो जाएगा क्या
Balmohan Pandey
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इसीलिए मैं बिछड़ने पर सोगवार नहीं, सुकून पहली ज़रूरत है, तेरा प्यार नहीं! जवाब ढ़ूंढ़ने में उम्र मत गँवा देना, सवाल करती है दुनिया पर एतबार नहीं
Balmohan Pandey
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