ऐ मिरी ज़ात के सुकूँ आ जा थम न जाए कहीं जुनूँ आ जा इस से पहले कि मैं अज़िय्यत में अपनी आँखों को नोच लूँ आ जा
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शाख़ों से टूट जाएँ वो पत्ते नहीं हैं हम आँधी से कोई कह दे कि औक़ात में रहे
Rahat Indori
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आज देखा है तुझ को देर के बा'द आज का दिन गुज़र न जाए कहीं
Nasir Kazmi
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ज़िंदगी भर के लिए दिल पे निशानी पड़ जाए बात ऐसी न लिखो, लिख के मिटानी पड़ जाए
Aadil Rasheed
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मत बताना कि बिखर जाएँ तो क्या होता है नईं नस्लों को नए ख़्वाब सजाने देना
Ameer Imam
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मैं उन्हीं आबादियों में जी रहा होता कहीं तुम अगर हँसते नहीं उस दिन मेरी तक़दीर पर
Zia Mazkoor
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दे रहे हैं लोग मेरे दिल पे दस्तक बार बार दिल मगर ये कह रहा है सिर्फ़ तू और सिर्फ़ तू
Fareeha Naqvi
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तुम्हें पता है मिरे हाथ की लकीरों में तुम्हारे नाम के सारे हुरूफ़ बनते हैं
Fareeha Naqvi
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पूछने पर वो ये कह देगा, यूँँ ही शे'र हुए वैसे यूँँ ही कोई हरकत नहीं की जाती है
Fareeha Naqvi
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"जो तू नहीं थी तो और भी थे, जो तू ना होगी तो और होंगे" किसी के दिल को जला के कहते हो, "मेरी जाँ! ये मुहावरा है"
Fareeha Naqvi
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हम तोहफ़े में घड़ियाँ तो दे देते हैं एक दूजे को वक़्त नहीं दे पाते हैं आँखें ब्लैक एंड व्हाइट हैं तो फिर इन में रंग बिरंगे ख़्वाब कहाँ से आते हैं?
Fareeha Naqvi
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