प्रेम में भटका हुआ हूँ आजकल हर तरफ़ लटका हुआ हूँ आजकल कोई जब से आया है जीवन में यूँँ तब से ही अटका हुआ हूँ आजकल
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गुलाब ख़्वाब दवा ज़हर जाम क्या क्या है मैं आ गया हूँ बता इंतिज़ाम क्या क्या है
Rahat Indori
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मैं ने उस सेे प्यार किया है मिल्किय्यत का दावा नइँ वो जिस के भी साथ है मैं उस को भी अपना मानता हूँ
Ali Zaryoun
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नहीं लगेगा उसे देख कर मगर ख़ुश है मैं ख़ुश नहीं हूँ मगर देख कर लगेगा नहीं
Umair Najmi
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किसी गली में किराए पे घर लिया उस ने फिर उस गली में घरों के किराए बढ़ने लगे
Umair Najmi
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घर में भी दिल नहीं लग रहा काम पर भी नहीं जा रहा जाने क्या ख़ौफ़ है जो तुझे चूम कर भी नहीं जा रहा रात के तीन बजने को है यार ये कैसा महबूब है जो गले भी नहीं लग रहा और घर भी नहीं जा रहा
Tehzeeb Hafi
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ज़माने भर से तो की दिल-लगी हम ने मोहब्बत का सलीक़ा भी नहीं आया
Naviii dar b dar
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ज़माने भर ने तो बस दिए हैं ता'ने हम को किसी ने भी मन में झाॅंक कर नहीं देखा यूँँ
Naviii dar b dar
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ये अदावत भी तो इंसानों की दुश्मन है क्यूँँ न हम थोड़ा मुहब्बत से ही पेश आऍं
Naviii dar b dar
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पुख़्ता है अब आयाम भी उन के बहकाने के लिए शाम आवाज़ें दे रहे वो यूँँ मय-ख़ाने के लिए
Naviii dar b dar
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यूँँ तो हर उलझनों से उलझा पड़ा हूँ मैं पर फिर भी ज़िन्दगी में डटकर खड़ा हूँ मैं ग़म कोई भी न छू पाए मेरे घर को यूँँ ये ज़िम्मेदारी से जो घर का बड़ा हूँ मैं
Naviii dar b dar
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