pyar ka pahla khat likhne mein waqt to lagta hai nae parindon ko udne mein waqt to lagta hai
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कोई दिक़्क़त नहीं है गर तुम्हें उलझा सा लगता हूँ मैं पहली मर्तबा मिलने में सब को ऐसा लगता हूँ ज़रूरी तो नहीं हम साथ हैं तो कोई चक्कर हो वो मेरी दोस्त है और मैं उसे बस अच्छा लगता हूँ
Ali Zaryoun
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शाख़ों से टूट जाएँ वो पत्ते नहीं हैं हम आँधी से कोई कह दे कि औक़ात में रहे
Rahat Indori
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सोचूँ तो सारी उम्र मोहब्बत में कट गई देखूँ तो एक शख़्स भी मेरा नहीं हुआ
Jaun Elia
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तेरी सूरत से है आलम में बहारों को सबात तेरी आँखों के सिवा दुनिया में रक्खा क्या है
Faiz Ahmad Faiz
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ये मुझे चैन क्यूँ नहीं पड़ता एक ही शख़्स था जहान में क्या
Jaun Elia
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दिल में जो मोहब्बत की रौशनी नहीं होती इतनी ख़ूब-सूरत ये ज़िंदगी नहीं होती
Hastimal Hasti
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चराग़ दिल का मुक़ाबिल हवा के रखते हैं हर एक हाल में तेवर बला के रखते हैं
Hastimal Hasti
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प्यार का पहला ख़त लिखने में वक़्त तो लगता है नए परिंदों को उड़ने में वक़्त तो लगता है
Hastimal Hasti
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खेल ज़िंदगी के तुम खेलते रहो यारो हार जीत कोई भी आख़िरी नहीं होती
Hastimal Hasti
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