रह भी सकता है कहीं नाम तेरा लिक्खा हुआ सारे जंगल की तो पड़ताल नहीं कर सकते
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वो बे-वफ़ा है तो क्या मत कहो बुरा उस को कि जो हुआ सो हुआ ख़ुश रखे ख़ुदा उस को
Naseer Turabi
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आदमी देश छोड़े तो छोड़े 'अली' दिल में बसता हुआ घर नहीं छोड़ता एक मैं हूँ कि नींदें नहीं आ रही एक तू है कि बिस्तर नहीं छोड़ता
Ali Zaryoun
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अब मैं सारे जहाँ में हूँ बदनाम अब भी तुम मुझ को जानती हो क्या
Jaun Elia
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मत पूछ कि क्या हाल है मेरा तेरे पीछे तू देख कि क्या रंग है तेरा, मेरे आगे
Mirza Ghalib
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करता नहीं ख़याल तेरा इस ख़याल से तंग आ गया अगर तू मेरी देखभाल से चल मेरे साथ और तबीयत की फ़िक्र छोड़ दो मील दूर है मेरा घर अस्पताल से
Tehzeeb Hafi
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सारे ग़म भूल गए आप के रोने पे मुझे किस को ठंडक में पसीने का ख़याल आता है आखरी उम्र में जाते है मदीने हम लोग मरने लगते है तो जीने का ख़याल आता है
Nadir Ariz
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वक़्त देता था वो मिलने का तभी रक्खी थी दोस्त इक दौर था मैं ने भी घड़ी रक्खी थी रास्ता ख़त्म मकानों के तजावुज़ से हुआ मैं ने जब नक़्शा बनाया था गली रक्खी थी
Nadir Ariz
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वक़्त देता था वो मिलने का तभी रक्खी थी दोस्त इक दौर था मैं ने भी घड़ी रक्खी थी
Nadir Ariz
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मैं चूमता हूँ तो वो हाथ खींच लेता है उसे पता है ये सीढ़ी कहाँ पे जानी है
Nadir Ariz
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अपनी ख़ुद्दारी तो पामाल नहीं कर सकते उस का नंबर है मगर कॉल नहीं कर सकते
Nadir Ariz
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