सारे ग़म भूल गए आप के रोने पे मुझे किस को ठंडक में पसीने का ख़याल आता है आखरी उम्र में जाते है मदीने हम लोग मरने लगते है तो जीने का ख़याल आता है
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शायद मुझे किसी से मोहब्बत नहीं हुई लेकिन यक़ीन सब को दिलाता रहा हूँ मैं
Jaun Elia
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बिछड़ कर उस का दिल लग भी गया तो क्या लगेगा वो थक जाएगा और मेरे गले से आ लगेगा मैं मुश्किल में तुम्हारे काम आऊँ या ना आऊँ मुझे आवाज़ दे लेना तुम्हें अच्छा लगेगा
Tehzeeb Hafi
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उसे किसी से मोहब्बत थी और वो मैं नहीं था ये बात मुझ सेे ज़ियादा उसे रुलाती थी
Ali Zaryoun
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किसी को घर से निकलते ही मिल गई मंज़िल कोई हमारी तरह उम्र भर सफ़र में रहा
Ahmad Faraz
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ये शहर-ए-अजनबी में अब किसे जा कर बताएँ हम कहाँ के रहने वाले हैं कहाँ की याद आती है
Ashu Mishra
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रह भी सकता है कहीं नाम तेरा लिक्खा हुआ सारे जंगल की तो पड़ताल नहीं कर सकते
Nadir Ariz
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वक़्त देता था वो मिलने का तभी रक्खी थी दोस्त इक दौर था मैं ने भी घड़ी रक्खी थी रास्ता ख़त्म मकानों के तजावुज़ से हुआ मैं ने जब नक़्शा बनाया था गली रक्खी थी
Nadir Ariz
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अपनी ख़ुद्दारी तो पामाल नहीं कर सकते उस का नंबर है मगर कॉल नहीं कर सकते
Nadir Ariz
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वक़्त देता था वो मिलने का तभी रक्खी थी दोस्त इक दौर था मैं ने भी घड़ी रक्खी थी
Nadir Ariz
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ए'तिबार आता नहीं तो आज़मा के देख ले हम तेरे सब चाहने वालों में अव्वल आएँगे
Nadir Ariz
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