सादगी से यूँँ गुज़र जाए ये जीवन एक प्याली चाय भी हो यार भी हो
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इलाज अपना कराते फिर रहे हो जाने किस किस से मोहब्बत कर के देखो ना मोहब्बत क्यूँँ नहीं करते
Farhat Ehsaas
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उस की जुल्फ़ें उदास हो जाए इस-क़दर रौशनी भी ठीक नहीं तुम ने नाराज़ होना छोड़ दिया इतनी नाराज़गी भी ठीक नहीं
Fahmi Badayuni
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तुम्हें इक मश्वरा दूँ सादगी से कह दो दिल की बात बहुत तैयारियाँ करने में गाड़ी छूट जाती है
Zubair Ali Tabish
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बिछड़ कर उस का दिल लग भी गया तो क्या लगेगा वो थक जाएगा और मेरे गले से आ लगेगा मैं मुश्किल में तुम्हारे काम आऊँ या ना आऊँ मुझे आवाज़ दे लेना तुम्हें अच्छा लगेगा
Tehzeeb Hafi
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लोग हर मोड़ पे रुक रुक के सँभलते क्यूँँ हैं इतना डरते हैं तो फिर घर से निकलते क्यूँँ हैं मोड़ होता है जवानी का सँभलने के लिए और सब लोग यहीं आ के फिसलते क्यूँँ हैं
Rahat Indori
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न हाथ आगे करूँँ सामने सिवाए तेरे न इतना देना कि मुझ को ग़ुरूर आ जाए
Hasan Raqim
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मेरी आँखों में बनकर ख़्वाब मुझ को आज़माती हैं तेरी यादें अभी तक रातों की नींदें उड़ाती हैं वो जिन अलमारियों में मैं तुम्हारी यादें रखता था उन्हीं अलमारियों में अब किताबें धूल खाती हैं
Hasan Raqim
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सोज़-ए-वफ़ा के नाम से अरमान थे बहुत लेकिन दयार -ए-इश्क़ से अंजान थे बहुत लगता था उन्हें इश्क़ की राहें हैं मुनाकिद आ कर के राह-ए-इश्क़ में हैरान थे बहुत
Hasan Raqim
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चल रहें हैं मगर कोई मंज़िल नहीं दिल ये घर लौटने पे भी माइल नहीं
Hasan Raqim
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वो मेरे बा'द सभी का ही हो गया देखो मैं जिस के बा'द किसी और का हुआ ही नहीं
Hasan Raqim
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