साहिब-ए-इल्म बने फिरते हो अच्छा बतलाओ मोहब्बत क्या है
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तुम्हें हुस्न पर दस्तरस है मोहब्बत वोहब्बत बड़ा जानते हो तो फिर ये बताओ कि तुम उस की आँखों के बारे में क्या जानते हो ये जुग़राफ़िया फ़ल्सफ़ा साईकॉलोजी साइंस रियाज़ी वग़ैरा ये सब जानना भी अहम है मगर उस के घर का पता जानते हो
Tehzeeb Hafi
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शायद मुझे किसी से मोहब्बत नहीं हुई लेकिन यक़ीन सब को दिलाता रहा हूँ मैं
Jaun Elia
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हम को मालूम है जन्नत की हक़ीक़त लेकिन दिल के ख़ुश रखने को 'ग़ालिब' ये ख़याल अच्छा है
Mirza Ghalib
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कोई दिक़्क़त नहीं है गर तुम्हें उलझा सा लगता हूँ मैं पहली मर्तबा मिलने में सब को ऐसा लगता हूँ ज़रूरी तो नहीं हम साथ हैं तो कोई चक्कर हो वो मेरी दोस्त है और मैं उसे बस अच्छा लगता हूँ
Ali Zaryoun
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वो लड़ कर भी सो जाए तो उस का माथा चूमूँ मैं उस से मोहब्बत एक तरफ़ है उस से झगड़ा एक तरफ़
Varun Anand
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तुझ सेे कहने में क्या शरम के हम अब किसी दूसरे पे मरते हैं
Harun Umar
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तू तो चेहरे से भी मासूम नज़र आता है तुझ सेे ये किस ने कहा तू भी मोहब्बत कर ले
Harun Umar
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वहशत है मुझ को लम्स के रिज़्क-ए-हराम से मुझ को मेरे नसीब की रोज़ी नहीं मिली
Harun Umar
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तू बताएगा मुझे हिज्र का आलम 'हारून' मेरी हर रात गुज़रती है मोहर्रम की तरह
Harun Umar
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कल जो ढूँढोगे हमें हाथ आएंगी तन्हाईयाँ हम सेे बातें करने की बस हसरतें रह जायेंगी
Harun Umar
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