साथ में होकर भी तन्हा थे हम दोनों कुछ इस तरह से ग़ुस्सा थे हम दोनों आज जो आँखें सूख गई हैं हमारी एक समय पहले दरिया थे हम दोनों
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तुम्हें हुस्न पर दस्तरस है मोहब्बत वोहब्बत बड़ा जानते हो तो फिर ये बताओ कि तुम उस की आँखों के बारे में क्या जानते हो ये जुग़राफ़िया फ़ल्सफ़ा साईकॉलोजी साइंस रियाज़ी वग़ैरा ये सब जानना भी अहम है मगर उस के घर का पता जानते हो
Tehzeeb Hafi
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किसी को घर से निकलते ही मिल गई मंज़िल कोई हमारी तरह उम्र भर सफ़र में रहा
Ahmad Faraz
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बिछड़ कर उस का दिल लग भी गया तो क्या लगेगा वो थक जाएगा और मेरे गले से आ लगेगा मैं मुश्किल में तुम्हारे काम आऊँ या ना आऊँ मुझे आवाज़ दे लेना तुम्हें अच्छा लगेगा
Tehzeeb Hafi
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हम वो हैं जो ख़ुदा को भूल गए तुम मेरी जान किस गुमान में हो
Jaun Elia
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मुझ से मत पूछो के उस शख़्स में क्या अच्छा है अच्छे अच्छों से मुझे मेरा बुरा अच्छा है किस तरह मुझ से मुहब्बत में कोई जीत गया ये न कह देना के बिस्तर में बड़ा अच्छा है
Tehzeeb Hafi
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ये अमीरी इश्क़ पर भारी हुई जब से सो लगा है जिस्म का बाज़ार कमरे में
Jitendra "jeet"
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उस को यार न कुछ भाता है जिस के हिस्से ग़म आता है आँखों को कोई समझाए रातों को सोया जाता है
Jitendra "jeet"
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तन पर रंग चढ़ाती होली या फिर भंग पिलाती होली होली सारे भेद मिटाए सम रस ढंग बढ़ाती होली
Jitendra "jeet"
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जानते हो कि तुम ज़िन्दगी हो मेरी तुम ग़ज़ल गीत और शा'इरी हो मेरी वक़्त रहते उठा लीजिए फोन को क्या पता कॉल ये आख़िरी हो मेरी
Jitendra "jeet"
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हम महफ़िल में ज़ख़्म दिखाने आए हैं टूटे दिल का हाल सुनाने आए हैं
Jitendra "jeet"
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