जानते हो कि तुम ज़िन्दगी हो मेरी तुम ग़ज़ल गीत और शा'इरी हो मेरी वक़्त रहते उठा लीजिए फोन को क्या पता कॉल ये आख़िरी हो मेरी
Related Sher
कोई दिक़्क़त नहीं है गर तुम्हें उलझा सा लगता हूँ मैं पहली मर्तबा मिलने में सब को ऐसा लगता हूँ ज़रूरी तो नहीं हम साथ हैं तो कोई चक्कर हो वो मेरी दोस्त है और मैं उसे बस अच्छा लगता हूँ
Ali Zaryoun
521 likes
बड़े नादान हो तुम भी ज़रा समझा करो बातें गले मिल कर जो रोती है बिछड़ कर कितना रोएगी
Ankita Singh
211 likes
अगर तुम हो तो घबराने की कोई बात थोड़ी है ज़रा सी बूँदा-बाँदी है बहुत बरसात थोड़ी है ये राह-ए-इश्क़ है इस में क़दम ऐसे ही उठते हैं मोहब्बत सोचने वालों के बस की बात थोड़ी है
Abrar Kashif
221 likes
किस लिए देखती हो आईना तुम तो ख़ुद से भी ख़ूब-सूरत हो
Jaun Elia
203 likes
हज़ार इश्क़ करो लेकिन इतना ध्यान रहे कि तुम को पहली मोहब्बत की बद-दुआ न लगे
Abbas Tabish
179 likes
More from Jitendra "jeet"
वो मैं था जो उस की हर हाँ में शामिल नइँ था बस इस कारण ही तो मैं उस के क़ाबिल नइँ था उस दिल के दफ़्तर में मिल तो जाता काम मुझे हाँ पास मेरे रिश्वत में देने को दिल नइँ था
Jitendra "jeet"
1 likes
ये अमीरी इश्क़ पर भारी हुई जब से सो लगा है जिस्म का बाज़ार कमरे में
Jitendra "jeet"
1 likes
उस को यार न कुछ भाता है जिस के हिस्से ग़म आता है आँखों को कोई समझाए रातों को सोया जाता है
Jitendra "jeet"
1 likes
रो रो के खो गई है मेरी आँख की नमी अब तो हमारी आँख में दरिया नहीं रहा
Jitendra "jeet"
2 likes
हम महफ़िल में ज़ख़्म दिखाने आए हैं टूटे दिल का हाल सुनाने आए हैं
Jitendra "jeet"
1 likes
Similar Writers
Our suggestions based on Jitendra "jeet".
Similar Moods
More moods that pair well with Jitendra "jeet"'s sher.







