सब्र करिए दिल को मेरे सब्र आने पर दास्तान-ए-इश्क़ का हासिल सुनाऊँगा जंग इक ऐसी कि जिस में हारना तय था मैं लड़ा ऐसे कि मानो जीत जाऊँगा
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हम तो कुछ देर हँस भी लेते हैं दिल हमेशा उदास रहता है
Bashir Badr
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कोई शहर था जिस की एक गली मेरी हर आहट पहचानती थी मेरे नाम का इक दरवाज़ा था इक खिड़की मुझ को जानती थी
Ali Zaryoun
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हुआ ही क्या जो वो हमें मिला नहीं बदन ही सिर्फ़ एक रास्ता नहीं ये पहला इश्क़ है तुम्हारा सोच लो मेरे लिए ये रास्ता नया नहीं
Azhar Iqbal
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तुम्हें हम भी सताने पर उतर आएँ तो क्या होगा तुम्हारा दिल दुखाने पर उतर आएँ तो क्या होगा हमें बदनाम करते फिर रहे हो अपनी महफ़िल में अगर हम सच बताने पर उतर आएँ तो क्या होगा
Santosh S Singh
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मर चुका है दिल मगर ज़िंदा हूँ मैं ज़हर जैसी कुछ दवाएँ चाहिए पूछते हैं आप आप अच्छे तो हैं जी मैं अच्छा हूँ दुआएँ चाहिए
Jaun Elia
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यहाँ तक आने से पहले ये हम भी सोचते थे ये लोग नाचते क्यूँँ हैं उदास गानों पर
Mohit Dixit
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उन सेे कह दो कहानियाँ न कहें मैं कहानी में जैसे था ही नहीं
Mohit Dixit
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कल भी आया था मैं खिड़की पे थे पंछी बैठे तुम को आवाज़ लगाता तो वो उड़ जाने थे
Mohit Dixit
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ये शहर आम सा ही शहर है बहिश्त नहीं बस इक अज़ीज़ रहा करता था यहाँ मेरा
Mohit Dixit
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मैं ने और इक पेड़ ने इस बात पर छोड़ा वो दर जो न आया घर वो अब खंडहर में क्या ही आएगा
Mohit Dixit
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