sham dhale aahat ki kirnen phuti thin suraj dub ke mere ghar mein nikla tha
Related Sher
सभी का ख़ून है शामिल यहाँ की मिट्टी में किसी के बाप का हिन्दुस्तान थोड़ी है
Rahat Indori
144 likes
सुब्ह-ए-मग़रूर को वो शाम भी कर देता है शोहरतें छीन के गुमनाम भी कर देता है वक़्त से आँख मिलाने की हिमाकत न करो वक़्त इंसान को नीलाम भी कर देता है
Nadeem Farrukh
62 likes
हर शे'र हर ग़ज़ल पे है ऐसी छाप तेरी तस्वीर बन रही है इक अपने आप तेरी तेरे लिए किसी को इतना दीवाना देखा लगने लगी है मुझ को चाहत भी पाप तेरी
Sandeep Thakur
61 likes
ख़ुश रहते हैं हँस सकते हैं भोले भाले होते हैं वो जो शे'र नहीं कहते हैं क़िस्मत वाले होते हैं पीना अच्छी बात नहीं है आते हैं समझाने दोस्त और ढलते ही शाम उन्हें फिर हमीं सँभाले होते हैं
Vineet Aashna
46 likes
पुरानी चाहत के ज़ख़्म अब तक भरे नहीं हैं और एक लड़की पड़ी है पीछे बड़े जतन से
Ashu Mishra
39 likes
More from Zehra Nigaah
तुम से हासिल हुआ इक गहरे समुंदर का सुकूत और हर मौज से लड़ना भी तुम्हीं से सीखा
Zehra Nigaah
0 likes
ख़ताएँ दोनों की यकसाँ थी पर त'अज्जुब है किसी को दाद मिली और किसी को रुसवाई
Zehra Nigaah
12 likes
हर फ़िक्र की अपनी मंज़िल थी हर सोच का अपना रस्ता था
Zehra Nigaah
18 likes
कहाँ के इश्क़-ओ-मोहब्बत किधर के हिज्र-ओ- विसाल अभी तो लोग तरसते हैं ज़िन्दगी के लिए
Zehra Nigaah
21 likes
नहीं नहीं हमें अब तेरी जुस्तुजू भी नहीं तुझे भी भूल गए हम तिरी ख़ुशी के लिए
Zehra Nigaah
25 likes
Similar Writers
Our suggestions based on Zehra Nigaah.
Similar Moods
More moods that pair well with Zehra Nigaah's sher.







