सियासतदाँ भी हैरानो परेशाँ हैं कि कैसे दोस्त पंडित और मुसलमाँ हैं
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बात करो रूठे यारों से सन्नाटों से डर जाते हैं प्यार अकेला जी लेता है दोस्त अकेले मर जाते हैं
Kumar Vishwas
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मैं अगर अपनी जवानी के सुना दूँ क़िस्से ये जो लौंडे हैं मेरे पाँव दबाने लग जाए
Mehshar Afridi
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ये शहर-ए-अजनबी में अब किसे जा कर बताएँ हम कहाँ के रहने वाले हैं कहाँ की याद आती है
Ashu Mishra
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अब दोस्त कोई लाओ मुक़ाबिल में हमारे दुश्मन तो कोई क़द के बराबर नहीं निकला
Munawwar Rana
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तरीक़े और भी हैं इस तरह परखा नहीं जाता चराग़ों को हवा के सामने रक्खा नहीं जाता मोहब्बत फ़ैसला करती है पहले चंद लम्हों में जहाँ पर इश्क़ होता है वहाँ सोचा नहीं जाता
Abrar Kashif
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इस तरह से उस ने मुझ को याद रक्खा है नाम अपने बेटे का इरशाद रक्खा है
Irshad Siddique "Shibu"
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सुनो राम तुम बाण इक और चलाओ मिटा डालो जो मन में बैठा है रावण
Irshad Siddique "Shibu"
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शिकायत जो भी है निपटाइए घर में न दीजे हँसने का इक मौका ग़ैरों को
Irshad Siddique "Shibu"
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नईं मिलना गर भेज कोई फ़ोटो ही प्यासे को क़तरा भी बहुत होता है
Irshad Siddique "Shibu"
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शे'र जो तुझ को कहे थे हम मनाने के लिए शे'र वो अब पढ़ रहे हैं हम कमाने के लिए
Irshad Siddique "Shibu"
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