तहय्युर भी न होते हैं अदा-ए-ज़िंदगी से हम फ़ना ही हो गए हैं अब ख़ुदा इस आशिक़ी से हम
Related Sher
मेरे आँसू नहीं थम रहे कि वो मुझ सेे जुदा हो गया और तुम कह रहे हो कि छोड़ो अब ऐसा भी क्या हो गया मय-कदों में मेरी लाइनें पढ़ते फिरते हैं लोग मैं ने जो कुछ भी पी कर कहा फ़लसफ़ा हो गया
Tehzeeb Hafi
388 likes
हम भी दरिया हैं हमें अपना हुनर मालूम है जिस तरफ़ भी चल पड़ेंगे रास्ता हो जाएगा
Bashir Badr
373 likes
जो ख़ानदानी रईस हैं वो मिज़ाज रखते हैं नर्म अपना तुम्हारा लहजा बता रहा है, तुम्हारी दौलत नई नई है
Shabeena Adeeb
368 likes
बात करो रूठे यारों से सन्नाटों से डर जाते हैं प्यार अकेला जी लेता है दोस्त अकेले मर जाते हैं
Kumar Vishwas
141 likes
तरीक़े और भी हैं इस तरह परखा नहीं जाता चराग़ों को हवा के सामने रक्खा नहीं जाता मोहब्बत फ़ैसला करती है पहले चंद लम्हों में जहाँ पर इश्क़ होता है वहाँ सोचा नहीं जाता
Abrar Kashif
130 likes
More from Sahir banarasi
सोचता हूँ चूम लूँ उन हाथों को दुनिया में जो शा'इरी ज़िंदा रखें
Sahir banarasi
0 likes
रात हिज्र में गई तो दिन शराब में गया इश्क़ के ये रंग भी बड़े कमाल होते हैं
Sahir banarasi
0 likes
फूलों पे इतनी पहरा-दारी क्यूँ भौंरो पे सारी दुनिया-दारी क्यूँ
Sahir banarasi
0 likes
इस तरफ़ लोग हैं उस ओर भी होंगे 'साहिर' देखो ये जंग में इंसान न मारा जाए
Sahir banarasi
0 likes
रगों में दौड़ता है खूँ की तरह हिंदुस्ताँ हर इक को मिलता नहीं ये नसीब अब साहिर
Sahir banarasi
1 likes
Similar Writers
Our suggestions based on Sahir banarasi.
Similar Moods
More moods that pair well with Sahir banarasi's sher.







