तन्हा होना, गुम-सुम दिखना, कुछ ना कहना... ठीक नहीं अपने ग़म को इतना सहना, इतना सहना... ठीक नहीं आओ दिल की मिट्टी में कुछ दिल की बातें बो दें हम बारिश के मौसम में गमले ख़ाली रहना... ठीक नहीं
Related Sher
क्यूँ डरें ज़िन्दगी में क्या होगा कुछ न होगा तो तजरबा होगा
Javed Akhtar
156 likes
मेरे आँसू नहीं थम रहे कि वो मुझ सेे जुदा हो गया और तुम कह रहे हो कि छोड़ो अब ऐसा भी क्या हो गया मय-कदों में मेरी लाइनें पढ़ते फिरते हैं लोग मैं ने जो कुछ भी पी कर कहा फ़लसफ़ा हो गया
Tehzeeb Hafi
388 likes
कुछ बात है कि हस्ती मिटती नहीं हमारी सदियों रहा है दुश्मन दौर-ए-ज़माँ हमारा
Allama Iqbal
354 likes
उस की जुल्फ़ें उदास हो जाए इस-क़दर रौशनी भी ठीक नहीं तुम ने नाराज़ होना छोड़ दिया इतनी नाराज़गी भी ठीक नहीं
Fahmi Badayuni
128 likes
मुझ को भी उन्हीं में से कोई एक समझ ले कुछ मसअले होते हैं ना जो हल नहीं होते
Ali Zaryoun
126 likes
More from Dev Niranjan
देर तक परफ्यूम महकेगा तेरा देर तक ख़ुद को सम्हाला जाएगा
Dev Niranjan
22 likes
कोई अच्छा शे'र कहो तुम फिर मैं तुम सेे बात करूँगा
Dev Niranjan
26 likes
फिर मचलने लग गई हैं उँगलियाँ एक ग़ज़ल लिख दूँ क्या तेरे नाम पर
Dev Niranjan
27 likes
शायद कि मौत ही हो मेरे दर्द का इलाज मतलब कि उस को दिल से निकाला न जाएगा
Dev Niranjan
41 likes
दिल लगाना आ गया और दिल हटाना आ गया कर ही डाला आपने माहिर हमें इस खेल में
Dev Niranjan
28 likes
Similar Writers
Our suggestions based on Dev Niranjan.
Similar Moods
More moods that pair well with Dev Niranjan's sher.







