तिरा ज़माना मुझ को करता है बदनाम ख़ुदा लगता है तू भी इन की साजिश में शामिल है
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परों को खोल ज़माना उड़ान देखता है ज़मीं पे बैठ के क्या आसमान देखता है
Shakeel Azmi
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कोई शहर था जिस की एक गली मेरी हर आहट पहचानती थी मेरे नाम का इक दरवाज़ा था इक खिड़की मुझ को जानती थी
Ali Zaryoun
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काश वो रास्ते में मिल जाए मुझ को मुँह फेर कर गुज़रना है
Fahmi Badayuni
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तेरी ख़ुशियों का सबब यार कोई और है ना दोस्ती मुझ सेे है और प्यार कोई और है ना
Ali Zaryoun
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वो ज़माना गुज़र गया कब का था जो दीवाना मर गया कब का
Javed Akhtar
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तन्हाई सी शा में हैं ख़ामोशी दे जाती हैं
Shivangi Shivi
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ताबीरों को ताबानी दे मौला इस शाइ'र को नादानी दे मौला
Shivangi Shivi
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सूरज कस के जलता है पत्थर रोज़ पिघलता है सूख गया दरिया सारा मौसम रोज़ बदलता है
Shivangi Shivi
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मस्ती में बहता दरिया हूँ अंबर मुझ को देखा करता
Shivangi Shivi
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सूरज धूप लिए फिरता है रोज़ ज़मीं पर ये गिरता है करने शोर मिरे घावों पे ये बादल मुझ पर घिरता है
Shivangi Shivi
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