thi mere dil ki umangon hi se duniya ki bahaar dil pareshan kya hua aalam pareshan ho gaya
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किस ने दस्तक दी ये दिल पर कौन है आप तो अंदर हैं बाहर कौन है
Rahat Indori
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अब उस की शादी का क़िस्सा न छेड़ो बस इतना कह दो कैसी लग रही थी
Zubair Ali Tabish
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सैर कर दुनिया की ग़ाफ़िल ज़िंदगानी फिर कहाँ ज़िंदगी गर कुछ रही तो ये जवानी फिर कहाँ
Khwaja Meer Dard
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मेहरबाँ हम पे हर इक रात हुआ करती थी आँख लगते ही मुलाक़ात हुआ करती थी हिज्र की रात है और आँख में आँसू भी नहीं ऐसे मौसम में तो बरसात हुआ करती थी
Ismail Raaz
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दिल से साबित करो कि ज़िंदा हो साँस लेना कोई सुबूत नहीं
Fahmi Badayuni
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ज़िंदगी का हर वरक़ बा-शौक़ पढ़िए ये किताब इक रोज़ लौटानी भी तो है
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ज़ीस्त में मेरे उस ने अँधेरा किया और उस को सभी 'रौशनी' कहते थे
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ये ज़िन्दगी की दौड़ दौड़कर मिला ही क्या हमें न जीता शख़्स घर जा पाता है न हारा शख़्स ही
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ज़रा तुम अपनी हद में रहने की कोशिश करो वरना तुम्हारे ऐब से इक दिन तुम्हें बदनाम कर देंगे
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उस सेे कहने में जब शरम आई तब मिरे हाथों में क़लम आई ज़िन्दगी मेरे हिस्से में तू भी आई लेकिन बहुत ही कम आई
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