तिमिर की हर कहानी में उजाले का ही ताला है सफ़ेदी दूर होते ही चमकता सार काला है
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कोई दिक़्क़त नहीं है गर तुम्हें उलझा सा लगता हूँ मैं पहली मर्तबा मिलने में सब को ऐसा लगता हूँ ज़रूरी तो नहीं हम साथ हैं तो कोई चक्कर हो वो मेरी दोस्त है और मैं उसे बस अच्छा लगता हूँ
Ali Zaryoun
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हमारे बा'द तेरे इश्क़ में नए लड़के बदन तो चू मेंगे ज़ुल्फ़ें नहीं सँवारेंगे
Vikram Gaur Vairagi
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शाख़ों से टूट जाएँ वो पत्ते नहीं हैं हम आँधी से कोई कह दे कि औक़ात में रहे
Rahat Indori
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सोचूँ तो सारी उम्र मोहब्बत में कट गई देखूँ तो एक शख़्स भी मेरा नहीं हुआ
Jaun Elia
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तेरी सूरत से है आलम में बहारों को सबात तेरी आँखों के सिवा दुनिया में रक्खा क्या है
Faiz Ahmad Faiz
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ज़रूरी तो नहीं उस की हँसी में प्यार ही हो हँसी के इस जहाँ में और भी मतलब बहुत हैं
Vishakt ki Kalam se
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ज़रूरत ढूँढ़ लाती है पता मेरा मुझे अब इस पते से दूर जाना है
Vishakt ki Kalam se
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वही जो मौत से पहले हमारी मौत होती है नहीं होती हैं आँखें नम मगर इक सौत होती है
Vishakt ki Kalam se
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तराज़ू हाथ में लो भाव को अब तोलना होगा अभी तक चुप रहे थे तुम मगर अब बोलना होगा
Vishakt ki Kalam se
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तुझे मिल कर लगा था रब मिलेगा नहीं जो अब मिला फिर कब मिलेगा
Vishakt ki Kalam se
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